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Punjab: बेअदबी कानून पर अकाल तख्त सख्त, पेश हुए मंत्री-विधायक, पंजाब सरकार को एक महीने का समय

Punjab: बेअदबी कानून पर अकाल तख्त सख्त, पेश हुए मंत्री-विधायक, पंजाब सरकार को एक महीने का समय
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Punjab: नई दिल्ली: पंजाब सरकार के नए बेअदबी कानून को लेकर सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में सुनवाई हुई। आम आदमी पार्टी (आप) के सिख मंत्री, विधायक और विधानसभा स्पीकर नंगे पैर अकाल तख्त पहुंचे और अपना लिखित पक्ष सौंपा। सुनवाई के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब सरकार को कानून में उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया। उन्होंने कहा कि जब तक जरूरी संशोधन नहीं हो जाते, तब तक इस कानून को लागू नहीं किया जाए।

सरकार ने संशोधन पर जताई सहमति

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जत्थेदार की ओर से सुझाए गए संशोधन पंजाब विधानसभा के स्पीकर के माध्यम से सरकार को भेजे जाएंगे। संशोधनों का अध्ययन करने के बाद सरकार एक महीने के भीतर अपना फैसला लेगी। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "जत्थेदार के साथ लंबी और सकारात्मक चर्चा हुई। श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बैठक के अंदर हुई चर्चा का सार्वजनिक खुलासा करना उचित नहीं है।"

जत्थेदार ने उठाए कई सवाल

सुनवाई के दौरान जत्थेदार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के दो सार्वजनिक बयानों पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि सिख समुदाय से जुड़े कानून बनाने से पहले अकाल तख्त, शिरोमणि कमेटी और अन्य सिख संस्थाओं से राय ली जानी चाहिए थी। उन्होंने कानून में कुछ शब्दों और प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई, लेकिन स्पष्ट किया कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।


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