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Bihar : CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, पटना को मिलेगा नया रामलीला मैदान; मार्च 2027 तक होगा तैयार

बिहार की राजधानी पटना में दशहरा और रामलीला कार्यक्रम को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब आने वाले समय में रावण दहन और रामलीला मंचन का आयोजन गांधी मैदान की जगह नए रामलीला मैदान में किया जाएगा।

Bihar : CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, पटना को मिलेगा नया रामलीला मैदान; मार्च 2027 तक होगा तैयार
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पटना। बिहार की राजधानी पटना में दशहरा और रामलीला कार्यक्रम को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब आने वाले समय में रावण दहन और रामलीला मंचन का आयोजन गांधी मैदान की जगह नए रामलीला मैदान में किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना के मरीन ड्राइव के पास नया रामलीला मैदान विकसित किया जाएगा, जहां भविष्य में भव्य रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह मैदान मार्च 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।

70 साल पुरानी परंपरा में होगा बदलाव

सीएम सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान में आयोजित दही-हांडी सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले करीब सात दशकों से गांधी मैदान में ही रामलीला मंचन और दशहरा पर रावण दहन का आयोजन होता रहा है। उन्होंने बताया कि रामलीला समिति की ओर से लंबे समय से अलग स्थान उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी, जिसके बाद सरकार ने नया रामलीला मैदान बनाने का फैसला लिया है।

मरीन ड्राइव के पास तैयार होंगे तीन बड़े मैदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीन ड्राइव क्षेत्र में तीन बड़े मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से एक मैदान को विशेष रूप से रामलीला मैदान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए मैदान में रामलीला और रावण दहन के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए पटना के जिलाधिकारी को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

नए मैदान में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

सीएम ने कहा कि नए रामलीला मैदान को इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे बड़े स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। मार्च 2027 तक मैदान तैयार होने के बाद वहां अन्य आवश्यक संरचनाओं का विकास भी किया जाएगा।

बिहार में बाढ़ की स्थिति पर भी बोले सीएम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार गंगा नदी में पिछले 10 वर्षों की तुलना में अधिक जलस्तर देखने को मिला है, जिससे कई इलाकों में खतरा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि गंगा बेसिन वाले जिलों में मंत्रियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखी जा सके।

गंगा किनारे सड़क और वाटर ट्रांसपोर्ट की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की समस्या से स्थायी समाधान के लिए सरकार व्यापक योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से गंगा, गंडक और कोसी जैसी प्रमुख नदियों के प्रबंधन की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि गंगा के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण और वाटर ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ से राहत मिल सके और परिवहन के नए विकल्प भी तैयार हों।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली गंडक और कोसी नदियों के कारण भी जलस्तर तेजी से बढ़ता है। उन्होंने बताया कि गंगा जब बक्सर से बिहार में प्रवेश करती है तो उसका जलप्रवाह कम होता है, लेकिन आगे बढ़ते हुए इसमें कई नदियों का पानी शामिल होने से स्थिति गंभीर हो जाती है।


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