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Bihar Flood: बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच CM सम्राट चौधरी का हवाई सर्वे, इस दिन पीड़ित परिवारों के खाते में आएंगे 7 हजार रूपये

बिहार में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर गंभीर बनी हुई है। कई जिलों में नदियों के बढ़े जलस्तर और तटबंधों को नुकसान के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।

Bihar Flood: बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच CM सम्राट चौधरी का हवाई सर्वे, इस दिन पीड़ित परिवारों के खाते में आएंगे 7 हजार रूपये
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पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर गंभीर बनी हुई है। कई जिलों में नदियों के बढ़े जलस्तर और तटबंधों को नुकसान के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पश्चिम चंपारण और सारण समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

9 अक्टूबर को DBT से मिलेगी 7 हजार रुपये की सहायता

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। चिन्हित प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 9 अक्टूबर को 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि DBT के जरिए भेजने की तैयारी है। इससे पहले 15 सितंबर को 8.27 लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भेजी गई थी।

तटबंध टूटने वाले इलाकों का भी किया सर्वे

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के बगहा, बैरिया, योगापट्टी और नौतन प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके अलावा सारण के मकेर प्रखंड में टूटे तटबंध और आसपास के इलाकों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत शिविरों में सामुदायिक रसोई जारी रखने के निर्देश

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय और आवासन जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते और विस्थापित परिवार अपने घरों को वापस नहीं लौटते, तब तक जरूरत के मुताबिक सामुदायिक रसोई संचालित की जाए। पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नेपाल से आने वाले पानी से बढ़ी चुनौती

बिहार में मौजूदा बाढ़ की स्थिति के पीछे नेपाल के तराई क्षेत्र से आने वाले पानी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से पश्चिम चंपारण, सारण और आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर बढ़ा है। सरकार ने कोसी और महानंदा नदियों का विशेष सर्वे कराने की बात कही है, ताकि बार-बार आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

राहत और बचाव पर प्रशासन की नजर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। तटबंधों की निगरानी, राहत शिविरों की व्यवस्था और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित लोगों को जरूरी मदद उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी रहेगा।


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