Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में 7 विधेयक पारित, विपक्ष ने महंगाई और शिक्षकों की कमी को लेकर सरकार को घेरा

Bihar Assembly : पटना। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, वहीं सरकार ने अपने एजेंडे के तहत सात महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। चर्चा के बाद सभी विधेयकों को बिना किसी संशोधन के पारित कर दिया गया।
आंबेडकर स्कूलों में शिक्षकों की कमी का उठा मुद्दा
सदन में जदयू विधायक श्याम रजक ने इंदिरा आंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में करीब 62 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इस पर एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेजी जा चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सदस्यों की चिंता जायज है और सरकार इस दिशा में जल्द कदम उठाएगी।
सात विधेयक सदन में पेश, बिना संशोधन हुए पास
मानसून सत्र के दूसरे दिन सरकार की ओर से विधानसभा में सात विधेयक पेश किए गए। इनमें चर्चा के बाद सभी विधेयक बिना किसी बदलाव के पारित कर दिए गए।
पारित किए गए विधेयकों में शामिल हैं-
बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026
बिहार माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2026
बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक 2026
बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक 2026
बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक 2026
बिहार नर्सेस पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026
बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026
पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर आरजेडी ने सरकार पर साधा निशाना
विधान परिषद में आरजेडी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने मांग की कि बिहार में भी उत्तर प्रदेश और झारखंड की तर्ज पर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम किया जाए।
उन्होंने कहा कि ज्यादा टैक्स के कारण बिहार के लोगों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगा ईंधन खरीदना पड़ रहा है। वहीं आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली के फैसले को वापस लेने की मांग उठाई।
सरकार ने टोल टैक्स और रोजगार के मुद्दे पर दिया जवाब
परिवहन मंत्री शैलेन्द्र कुमार ने टोल टैक्स मामले पर सफाई देते हुए कहा कि यह फैसला केवल व्यावसायिक वाहनों पर लागू किया गया है। वहीं सरकार ने शिक्षक भर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स से जुड़े मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।


