Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

Air India: भारत में देरी से उड़ेंगे 300 से ज्यादा विमान, कई देशों में फ्लाइट कैंसिल, आखिर हुआ क्या, क्यों ग्राउंड हो रहे एयर इंडिया और इंडिगो विमान, पढ़ें पूरी खबर

Air India: नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भरने वाली हैं, जबकि कुछ को रद्द भी किया जा सकता है। भारत में एयर इंडिया और इंडिगो के कई विमान ग्राउंड किए गए हैं।

Air India: भारत में देरी से उड़ेंगे 300 से ज्यादा विमान, कई देशों में फ्लाइट कैंसिल, आखिर हुआ क्या, क्यों ग्राउंड हो रहे एयर इंडिया और इंडिगो विमान, पढ़ें पूरी खबर
X

Air India: नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भरने वाली हैं, जबकि कुछ को रद्द भी किया जा सकता है। भारत में एयर इंडिया और इंडिगो के कई विमान ग्राउंड किए गए हैं।

Air India: असल में, यूरोपियन एयरक्राफ्ट निर्माता कंपनी एअरबस ने बताया कि उसके A320 परिवार के कई एयरक्राफ्ट में तत्काल सॉफ्टवेयर बदलाव करने होंगे। कुछ मामलों में हार्डवेयर भी बदलना पड़ेगा। इसी वजह से हजारों उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है। भारत में भी करीब 300 फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर सकती हैं।

Air India: कुछ दिन पहले एअरबस को पता चला कि सोलर रेडिएशन उसके डेटा को प्रभावित कर सकता है, जिससे फ्लाइट कंट्रोल में दिक्कत आ सकती है। यहां समझने वाली बात यह है कि इंडिगो और एअर इंडिया, भारत के दो बड़े ऑपरेटर हैं, जो A320 एयरक्राफ्ट का व्यापक तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

Air India: कितने विमान हुए हैं प्रभावित

अभी के लिए दोनों एयरलाइंस ने एअरबस की इस नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इंडिगो के पास वर्तमान में A320 परिवार के 370 विमान हैं, जबकि एअर इंडिया के बेड़े में 127 विमान इस श्रेणी के हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस के पास भी लगभग 40 ऐसे विमान मौजूद हैं।


Air India: अब यह बताया जा रहा है कि ज्यादातर विमानों में केवल सॉफ्टवेयर अपडेट की आवश्यकता होगी। इसी वजह से उन्हें अस्थायी तौर पर ग्राउंड करना पड़ेगा। भारत के लिए राहत की बात यह है कि दो से तीन दिनों में सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा किए जाने की संभावना है, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो जानी चाहिए।

Air India: एअरबस का बयान

इस समस्या को लेकर एअरबस ने अपने बयान में कहा है कि A320 परिवार के एयरक्राफ्ट के अध्ययन में पता चला कि इंटेंस सोलर रेडिएशन की वजह से आवश्यक डेटा प्रभावित हो सकता है, जो फ्लाइट कंट्रोल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एअरबस ने ऐसे कई एयरक्राफ्ट की पहचान की है, जिन पर इसका असर पड़ सकता है। इसी कारण उसने एविएशन अथॉरिटीज़ के साथ मिलकर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire