Operation Cyber Shield : पश्चिम बंगाल से पकड़ाया शेयर ट्रेडिंग ठग, 66 से अधिक केस दर्ज
इस कार्रवाई ने रायपुर के पंडरी निवासी विकास लाहोटी से 59 लाख रुपये की ठगी के मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है।

Operation Cyber Shield : रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस की ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से 33 वर्षीय कुख्यात ठग प्रताप पात्रा को गिरफ्तार किया गया है, जो शेयर ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों के 66 से अधिक पुलिस थानों और साइबर सेल में मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई ने रायपुर के पंडरी निवासी विकास लाहोटी से 59 लाख रुपये की ठगी के मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है।
ठगी का जाल और शिकायत-
पुलिस के अनुसार, प्रताप पात्रा शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पंडरी निवासी विकास लाहोटी ने रायपुर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके साथ 59 लाख रुपये की ठगी हुई है। इस शिकायत के आधार पर 24 जून 2024 को धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से पकड़ा गया आरोपी-
साइबर थाना की टीम ने आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। जांच में खुलासा हुआ कि प्रताप पात्रा ने फर्जी कंपनियां बनाकर और बार-बार पता बदलकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से प्रताप पात्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
66 से अधिक केस और देशव्यापी ठगी-
प्रताप पात्रा के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों के 66 से अधिक पुलिस थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से ठगी का जाल बुनता था। फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी। रायपुर पुलिस अब प्रताप के अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है ताकि इस ठगी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।


