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Online Betting Network : नागपुर में ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, 20 करोड़ का लेनदेन सीज

जबकि मुख्य संचालक सहित कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

Online Betting Network : नागपुर में ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, 20 करोड़ का लेनदेन सीज
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Online Betting Network : खैरागढ़। खैरागढ़ पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नागपुर में ‘शिवा बुक’ सट्टा एप की ब्रांच को ध्वस्त कर दिया है। इस छापेमारी में 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य संचालक सहित कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,000 रुपये नगद, 2.28 लाख रुपये के बैंक खाते, 25 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 26 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक, 14 चेकबुक, 8 आधार कार्ड, एक पासपोर्ट, वाई-फाई राउटर और सट्टे के हिसाब-किताब के रजिस्टर सहित करीब 7.5 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क ने बैंक खातों और यूपीआई के जरिए 20 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया, जिसे पुलिस ने सीज कर दिया है।

एसपी लक्ष्य शर्मा के निर्देश पर खैरागढ़ सायबर सेल और थाना छुईखदान की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नागपुर के एक फ्लैट में छापा मारा। फ्लैट में मोबाइल और लैपटॉप के जरिए ‘शिवा बुक’ एप पर सट्टा संचालित किया जा रहा था। यह नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था, और आरोपी रंगे हाथों पकड़े गए।

‘शिवा बुक’ का महादेव बुक और अन्ना रेड्डी से कनेक्शन-

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ‘शिवा बुक’ सहित महादेव बुक, अन्ना रेड्डी, लोटस और शिवनाथ जैसे सट्टा एप एक ही सोर्स कोड और सर्वर से संचालित होते हैं। शातिर ठग इन एप्स के नाम और लोगो बदलकर पुलिस और जनता को गुमराह करते हैं। यह नेटवर्क हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन जैसे अवैध लेनदेन में भी शामिल रहा है, जिसके तार दुबई तक जुड़े होने की आशंका है।

मुख्य संचालक दुर्ग का, तलाश तेज-

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मुख्य संचालक छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जब्त डेटा और बैंक डिटेल्स की जांच से यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह नेटवर्क महादेव बुक या अन्ना रेड्डी जैसे बड़े रैकेट से जुड़ा है। पुलिस को शक है कि इस अवैध कारोबार में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।


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