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शहीद महेंद्र कर्मा बस्तर विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक में निर्णय पर NSUI ने उठाए सवाल

शहीद महेंद्र कर्मा बस्तर विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक में निर्णय पर NSUI ने उठाए सवाल
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संवाददाता धीरज मेहरा/जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह बिसेन एवं जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि विगत 15 दिनों में NSUI ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति के मनमानी के एवं छात्र छात्राओं के परीक्षा शुल्क में वृद्धि के विरोध में 2 बार शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का घेराव किया, महामहिम राज्यपाल,माननीय मुख्यमंत्री, सम्मानित मंत्री, सांसद, विधायक एवं अधिकारियों को ज्ञापन व पत्र देकर बस्तर के छात्र छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की, लेकिन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति विश्वविद्यालय को राजनैतिक अखाड़ा बनाना चाहते हैं कुलपति को ये स्पष्ट करना चाहिए जब परीक्षा शुल्क वृद्धि के लिए कार्यपरिषद की बैठक नहीं बुलाई गई तो परीक्षा शुल्क वापस लेने के लिए इस बैठक की आवश्यकता क्यों पड़ी? विश्वविद्यालय ने आज कार्यपरिषद की बैठक तो कर ली पर बैठक में क्या निर्णय हुआ, कितनी प्रतिशत शुल्क वापसी का निर्णय लिया गया ये बताने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने आने को तैयार नहीं है, विश्वविद्यालय प्रशासन के इसी अपारदर्शी रवैए का NSUI विरोध करती आई है।

जगदलपुर विधायक सम्मानित किरण देव जी ने एक बयान जारी किया शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में परीक्षा शुल्क 300 से घटा कर 100 करने की बात कह कर विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद किया है,हम माननीय विधायक जी से पूछना चाहते हैं भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने 1 साल से ऊपर हो गए हैं पर आज तक कार्यपरिषद में जनप्रतिनिधियों का नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है, किरण देव आप जनप्रतिनिधि के साथ साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं आप ही बताएं कि बस्तर के गरीब आदिवासी छात्र छात्राओं को आप बाहर से आए हुए कुछ अधिकारियों के हाथ छोड़ देंगे जिनको यहां के भौगोलिक,सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का कोई ज्ञान नहीं है जो अपनी जेब भरने के लिए बस्तर के जनता की जेब खाली करने की सोच रखते है या जिनको बस्तर की जनता ने चुनकर विधायक और सांसद बनाया है उन्हें कार्यपरिषद की जवाबदारी देंगे।

NSUI चेतावनी देती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सुधर जाए और बस्तर के छात्र छात्राओं को छलने का काम बंद करें, जनप्रतिनिधियों के जगह अभाविप के नेताओं को शासकीय मंच देना, उनका सम्मान करना और शासकीय चैंबर में अभाविप के नेताओं की अड्डेबाजी बंद करे वरना NSUI ऐसे अधिकारियों को बस्तर से बाहर भगाने के लिए लगातार आंदोलन करती रहेगी।


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