Bengal By-elections 2026: नंदीग्राम से TMC ने किसे दिया टिकट? रेजीनगर उम्मीदवार का नाम भी आया सामने, देखें लिस्ट
Bengal By-elections 2026: बंगाल उपचुनाव के लिए TMC ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। जानें चुनाव चिह्न विवाद और मतदान की तारीख।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को टिकट दिया गया है, जबकि रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे।
इन नामों के सामने आने के बाद अब नंदीग्राम का मुकाबला खासा दिलचस्प हो गया है। हालांकि उम्मीदवार घोषित होने के बावजूद एक बड़ा सवाल अभी बाकी है—क्या TMC उम्मीदवारों को उपचुनाव में पार्टी का आधिकारिक'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न मिलेगा? इस पर चुनाव आयोग का फैसला अभी बाकी है।
नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को टिकट
तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से संचिता प्रधान डे को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से अहम रही है और आगामी उपचुनाव पर भी राजनीतिक दलों की नजर है।
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज करने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी और नंदीग्राम सीट खाली कर दी।
रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी मैदान में
TMC ने रेजीनगर विधानसभा सीट से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। चौधरी इस सीट से पहले भी विधायक रह चुके हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने TMC के टिकट पर रेजीनगर सीट जीती थी। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक उन्हें 1,18,494 वोट मिले थे।
रेजीनगर सीट भी इस उपचुनाव में खाली हुई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
TMC के चुनाव चिह्न पर अभी फैसला बाकी
उम्मीदवारों के ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर है। तृणमूल कांग्रेस के दो गुट पार्टी के नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से दस्तावेज और अंतिम जवाब मांगा है।
16 सितंबर की तारीख इस मामले में अहम है। इसी दिन उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख भी है। चुनाव आयोग की ओर से दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों पर विचार के बाद यह स्पष्ट होगा कि उपचुनाव में TMC का आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न किस गुट को मिलता है।
क्यों अहम है चुनाव चिह्न का फैसला?
किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के लिए उसका चुनाव चिह्न मतदाताओं के बीच पहचान का बड़ा माध्यम होता है। ऐसे में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले TMC के चुनाव चिह्न को लेकर आयोग का फैसला चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है।
फिलहाल पार्टी ने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन चुनाव चिह्न को लेकर स्थिति आयोग के निर्णय के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
नंदीग्राम पर बढ़ी राजनीतिक नजर
नंदीग्राम उपचुनाव का महत्व सिर्फ एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है। यह सीट पहले भी ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबले का केंद्र रही है। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी जीत हासिल की थी और बाद में नंदीग्राम सीट खाली की।
अब TMC ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी नंदीग्राम से मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मुकाबले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
कब होगा नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव
मतदान: - 6 अक्टूबर 2026
मतगणना: - 9 अक्टूबर 2026
नामांकन की अंतिम तारीख: - 16 सितंबर 2026
सीटें: - नंदीग्राम और रेजीनगर, पश्चिम बंगाल
आने वाले दिनों में चुनाव आयोग का TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर फैसला इस उपचुनाव की राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है।


