TISS Convocation: TISS के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट नहीं होंगे CJI सूर्यकांत; अब इस शख्सियत को मिला न्योता
एलएलबी बैच के 70 छात्रों ने पहला पत्र दिया था, जिसके बाद अन्य छात्रों ने भी इसका समर्थन किया।

TISS Convocation: मुंबई: मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के 86वें दीक्षांत समारोह में अब CJI जस्टिस सूर्यकांत मुख्य अतिथि नहीं होंगे। संस्थान ने अंतिम समय में मुख्य अतिथि का नाम बदल दिया है। अब टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सीएस प्रमेश समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को मुंबई के देओनार स्थित नौरोजी कैंपस में आयोजित होगा।
2 अगस्त को होना था समारोह
TISS का 86वां दीक्षांत समारोह पहले 2 अगस्त को होना था। इसके लिए CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि और बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र घुगे को विशिष्ट अतिथि बनाया गया था। लेकिन समारोह से करीब 48 घंटे पहले TISS ने इसे स्थगित कर दिया था। संस्थान ने इसकी वजह ‘अप्रत्याशित परिस्थितियां’ बताई थी।
सुरक्षा और विरोध की जताई गई थी आशंका
TISS ने उस समय कहा था कि समारोह के लिए परिसर में अनुकूल माहौल नहीं था। कार्यक्रम आयोजित होने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और मेहमानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी। इससे कैंपस की सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका थी। हालांकि, संस्थान ने स्थगन की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई थी। सूत्रों के मुताबिक, CJI के दौरे को लेकर संभावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता थी।
अब निमंत्रण में डॉ. प्रमेश का नाम
22 अगस्त को होने वाले नए कार्यक्रम के निमंत्रण में CJI सूर्यकांत की जगह डॉ. सीएस प्रमेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। हालांकि, TISS की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि CJI का नाम उनकी ओर से पीछे हटने के बाद हटाया गया या संस्थान ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया।
छात्रों और परिवारों को हुई थी परेशानी
2 अगस्त का समारोह अचानक स्थगित होने से डिग्री लेने वाले छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी हुई थी। कई परिवार समारोह में शामिल होने के लिए पहले ही यात्रा और ठहरने की व्यवस्था कर चुके थे। इसके बाद TISS ने कहा था कि प्रभावित छात्रों को उनकी स्थिति के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाएगी।
NALSAR में भी CJI के नाम पर विवाद
CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर हाल में NALSAR यूनिवर्सिटी में भी विवाद हुआ था। वहां 2026 बैच के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर CJI को मुख्य अतिथि बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। 23 जुलाई को अंतिम वर्ष के एलएलबी बैच के 70 छात्रों ने पहला पत्र दिया था, जिसके बाद अन्य छात्रों ने भी इसका समर्थन किया।
BCI की कार्रवाई से बढ़ा विवाद
मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के दखल के बाद विवाद और बढ़ गया था। BCI ने राज्य बार काउंसिल को NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का निर्देश दिया था। इसके बाद छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। विरोध बढ़ने पर BCI ने अपना निर्देश वापस ले लिया और मामले पर दोबारा विचार करने की बात कही।
CJI ने छात्रों के विरोध को बताया अधिकार
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि छात्रों को अपनी राय रखने और विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने BCI के दखल को अनुचित बताया और कहा कि छात्रों का विरोध उनके और छात्रों के बीच का विषय है।
बाद में CJI सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया था कि उन्होंने NALSAR के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण कभी स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसे में उनके समारोह में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
अब TISS का 86वां दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को डॉ. सीएस प्रमेश की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा।


