Supreme Court Judges Bill : लोकसभा में बिना बहस के पास हुआ जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल, सुप्रीम कोर्ट में अब 34 की जगह होंगे 38 जज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को बिना विस्तृत बहस के पारित कर दिया। इसके बाद देश की शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी। यह विधेयक उस अध्यादेश को कानूनी रूप देने के लिए लाया गया था, जिसके जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया था। सरकार की ओर से इसे न्यायिक व्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
विपक्ष के हंगामे के बीच बिल हुआ पास
लोकसभा में विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध और नारेबाजी की। सदन में नीट पेपर लीक और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले को लेकर विपक्ष के सदस्य लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे। हंगामे के बीच विपक्षी सदस्यों की ओर से अध्यादेश जारी किए जाने के विरोध में पेश किया गया वैधानिक प्रस्ताव भी ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया।
कानून मंत्री की टिप्पणी के बाद हुआ मतदान
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक पर संक्षिप्त प्रारंभिक टिप्पणी की। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से वैधानिक प्रस्ताव पर अपनी बात रखने का आग्रह किया, लेकिन सदन में नारेबाजी जारी रही। इसके बाद विधेयक को मतदान के लिए रखा गया और इसे पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले भी बिना बहस पास हुआ था बिल
संसद के मौजूदा सत्र में यह पहला मौका नहीं है जब किसी विधेयक को बिना विस्तृत चर्चा के पारित किया गया हो। इससे पहले जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन करने वाला विधेयक भी सदन में बिना बहस के पारित हो चुका है।
जजों की संख्या बढ़ने से क्या बदलेगा?
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ने से शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक कार्यभार को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। 34 की मौजूदा स्वीकृत संख्या की तुलना में चार अतिरिक्त पद मिलने के बाद अब मुख्य न्यायाधीश समेत कुल 38 न्यायाधीशों का प्रावधान होगा।


