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भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नया अध्याय, निजी स्पेस इंडस्ट्री skyroot का ऑर्बिटल क्लास रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च

भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नया अध्याय, निजी स्पेस इंडस्ट्री skyroot का ऑर्बिटल क्लास रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च
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नई दिल्ली। skyroot-vikram-1-launch: भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र ने आज शनिवार 18 जून को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए निजी स्पेस इंडस्ट्री के नए दौर में प्रवेश कर लिया। हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट 'विक्रम-1' का सफल प्रक्षेपण किया। 'मिशन आगमन' नाम से संचालित यह उड़ान भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल की पहली उड़ान रही, जिसने देश के स्पेस सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत कर दी।

अब तक ऑर्बिटल स्पेस तक पहुंचने की क्षमता मुख्य रूप से सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित थी, लेकिन इस सफलता के साथ भारत की निजी कंपनियों के लिए भी अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाओं के नए अवसर खुल गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि देश के बढ़ते स्पेस इकोसिस्टम और निजी भागीदारी को नई गति देगी।

करीब 24 मीटर लंबे कार्बन-कंपोजिट रॉकेट विक्रम-1 में तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल का उपयोग किया गया है। इसे 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 350 किलोग्राम तक के पेलोड पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह रॉकेट भविष्य में तेज़, किफायती और आवश्यकता के अनुरूप लॉन्च सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मिशन के पहले पेलोड में बेंगलुरु स्थित कॉसमॉस डायमंड्स द्वारा लैब में तैयार किया गया "डायमंड लोटस" भी शामिल है। इसे अंतरिक्ष में भेजा जाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत का निजी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर अब उच्च मूल्य वाले व्यावसायिक पेलोड को संभालने के लिए तैयार है।

इस मिशन का एक भावनात्मक पहलू भी रहा। विक्रम-1 की टेस्ट फ्लाइट-1 के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा एक पोस्टकार्ड भी अंतरिक्ष में भेजा गया, जिस पर "वंदे मातरम्" लिखा है। इसके अलावा स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथों से लिखे संदेश भी पेलोड का हिस्सा बने। कंपनी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मिशन को जनभागीदारी और सामूहिक उपलब्धि का प्रतीक बनाना था।

प्रक्षेपण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर स्काईरूट एयरोस्पेस को शुभकामनाएं देते हुए इस मिशन को भारत की अंतरिक्ष यात्रा में "ऐतिहासिक नई उपलब्धि" बताया। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 देश के युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों ने नवाचार और निजी उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को सफल प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि "विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुएगा, इतिहास रचेगा और देश के नवाचारकर्ताओं की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।




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