हिमाचल में बारिश से बिगड़े हालात: 110 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप; 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश...

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन प्रभावित है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 17 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 110 सड़कें बंद, 91 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। बारिश और भूस्खलन से कई इलाकों में आवाजाही के साथ बिजली-पानी की व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
सड़कों पर सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू में है। मंडी में 39 और कुल्लू में 33 सड़कें बंद हैं। चंबा में 12, शिमला में 9, कांगड़ा में 6 और ऊना में 4 सड़कें प्रभावित हैं। प्रशासन बंद सड़कों को खोलने में जुटा है।
91 ट्रांसफार्मर और 217 जल योजनाएं प्रभावित
बारिश के कारण 91 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। इनमें सिरमौर के 41 और मंडी के 28 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। वहीं प्रदेश की 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अकेले मंडी में 209 योजनाओं पर असर पड़ा है।
18 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कांगड़ा, मंडी, ऊना, कुल्लू, सोलन, सिरमौर और शिमला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 से 22 अगस्त तक भी कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
मानसून में 187 लोगों की मौत
30 जून से 16 अगस्त तक प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों में 187 लोगों की मौत हुई है, जबकि 294 लोग घायल और एक व्यक्ति लापता है। इस दौरान प्रदेश को करीब 973.15 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को 733.95 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 216.40 करोड़ रुपए हुआ है।


