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जंतर-मंतर पर SIR को लेकर प्रदर्शन, 100 से ज्यादा हिरासत में; रात 9 बजे तक इंटरनेट बंद

‘ज्ञानेश गो बैक’ के नारे, पुलिस ने रोका मार्च

जंतर-मंतर पर SIR को लेकर प्रदर्शन, 100 से ज्यादा हिरासत में; रात 9 बजे तक इंटरनेट बंद
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नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर प्रदर्शन के दौरान माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से ज्यादा पहुंच गई।

सौरभ भारद्वाज भी हिरासत में

आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। AAP नेता संजीव झा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है।

रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के करीब 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। टेलीकॉम कंपनियों को इसके लिए आदेश जारी किए गए।

11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिए गए। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA और नई दिल्ली समेत 11 स्टेशन शामिल हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

यह प्रदर्शन AISA, SFI, DYFI समेत विभिन्न संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। दिल्ली पुलिस ने पहले ही प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी।

चुनाव आयोग ने शुरू किया विशेष अभियान

इस बीच चुनाव आयोग ने SIR पूरा कर चुके राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर मतदाता सूचियों की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं। बूथ लेवल अधिकारी मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित बताए गए मतदाताओं के नाम की जांच करेंगे, ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर न हुआ हो।


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