Sharmila Tagore: वंदे मातरम पर फंसी शर्मिला टैगोर, BJP नेताओं ने घेरा; कंगना रनौत ने भी साधा निशाना
एक पद में कई देवताओं का जिक्र किया गया है। जो लोग एक ही धर्म...

Sharmila Tagore: मुंबई: अभिनेत्री शर्मिला टैगोर वंदे मातरम को लेकर दिए अपने बयान के बाद विवादों में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि कई धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, न कि कई देवताओं में। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' में एक पद में कई देवताओं का जिक्र किया गया है। जो लोग एक ही धर्म को मानते हैं, उनके लिए 'वन्दे काली, वन्दे दुर्गा' कहना मुश्किल है। इसलिए अगर भारत के सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलना है तो शुरुआती दो पद बहुत अच्छे हैं।
अभिजीत गंगोपाध्याय ने बताया राष्ट्र-विरोधी
भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय ने शर्मिला टैगोर की टिप्पणी को राष्ट्र-विरोधी बताया और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा, 'शर्मिला टैगोर सुझाव दे सकती हैं, कोई भी सुझाव दे सकता है। अगर कोई यह फैसला करता है कि वह दूसरे पैराग्राफ के आगे नहीं गाएगा, तो यह राष्ट्र-विरोधी है। आइए चर्चा करते हैं। मैं पिछले सत्र में कई दिनों तक लोकसभा में था। कांग्रेस कभी किसी चर्चा में शामिल नहीं होना चाहती थी, चाहे वह सीजेपी हो, वंदे मातरम हो या कोई और बात हो। तो वे यह सब क्यों कह रहे हैं? वह चर्चा में आएं। उन्हें पता चल जाएगा।'
इंद्रनील खान ने भी जताई आपत्ति
पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री इंद्रनील खान ने भी शर्मिला टैगोर की बातों की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'क्या हमें शर्मिला टैगोर या कांग्रेस से देशभक्ति सीखनी है? देश के असली योद्धाओं ने देश को आजाद कराया। उन्होंने 'आनंदमठ' से प्रेरणा ली और दिल में वंदे मातरम का जज्बा लिए देश को आजादी दिलाई। उन्होंने ही हमें अंग्रेजों से आजादी दिलाई। हमें उनसे सीखना चाहिए, न कि उनसे जिन्हें आजादी का मतलब ही नहीं पता। हमें आजादी, स्वतंत्रता या देशभक्ति का पाठ उनसे नहीं सीखना है जो राष्ट्रीय गीत का अपमान करते हैं।'
कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी
अभिनेत्री-नेता कंगना रनौत ने भी शर्मिला टैगोर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'मैं इस बात की तारीफ करती हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है। मगर एक कलाकार के तौर पर मुझे हैरानी है कि कला या कविता को लेकर उनकी सोच इतनी सीमित और बनावटी कैसे हो सकती है। किसी भी कविता या गाने में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना और अद्भुत समानताएं इस्तेमाल करते हैं।'
कांग्रेस के वीडियो से शुरू हुआ विवाद
वंदे मातरम को लेकर विवाद कांग्रेस मुख्यालय के एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। इसमें 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत गाए जाने के समय मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी को बातचीत करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर वंदे मातरम का अनादर करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। इसी विवाद के बीच शर्मिला टैगोर की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया।


