Rajya Sabha: राज्यसभा सांसद को 'लुंगी वाला' कहा गया, सभापति हुए नाराज; दक्षिण भारतीय सांसदों का विरोध, बोले - ये हमारी पहचान
नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि हर राज्य की वेशभूषा और संस्कृति का सम्मान...

Rajya Sabha: नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को केरल से सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास ने 'लुंगी वाला' टिप्पणी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एक सदस्य ने उन्हें इस नाम से संबोधित किया, जो सदन की गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। ब्रिटास ने कहा, 'भारी मन से मैं यह मुद्दा उठा रहा हूं, क्योंकि यह इस सदन की गरिमा, प्रतिष्ठा और सम्मान का सवाल है। यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी दलों से जुड़ा मुद्दा है।'
बोले- मुझे अपनी पहचान पर गर्व
ब्रिटास ने कहा, 'मैं एक भारतीय, दक्षिण भारतीय और निश्चित रूप से एक गर्वित मलयाली हूं।' उन्होंने अपनी भाषा, संस्कृति, खान-पान और पहनावे पर गर्व जताते हुए कहा कि संविधान देश की विविधता का सम्मान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहस के दौरान एक महिला सदस्य ने उन्हें बार-बार 'लुंगी वाला, लुंगी वाला' कहकर संबोधित किया।
नड्डा बोले- हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान
नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि हर राज्य की वेशभूषा और संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं करने की बात कही। हालांकि, उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
रिजिजू ने दोनों पक्ष सुनने की मांग की
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सभापति से संबंधित सदस्यों को बुलाकर मामला सुनने और फिर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया।
सभापति ने दी नसीहत
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से एक-दूसरे की भावनाओं और संवेदनाओं का सम्मान करने को कहा। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति विभिन्न क्षेत्रीय संस्कृतियों से मिलकर बनी है। किसी सदस्य की क्षेत्रीय पहचान या सांस्कृतिक परंपरा का सदन में अनादर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित सदस्यों को जल्द अपने कक्ष में बुलाकर मामले को सुलझाया जाएगा।


