Plastic Notes in India: खत्म हुआ इंतजार... RBI गवर्नर ने बताया, कब होगा 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट लॉन्च

नई दिल्ली। भारत में जल्द ही करेंसी नोटों के स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोटों को चलन में लाने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद संकेत दिया कि यदि तैयारियां तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो नए वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोट जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हें बाजार में लाने से पहले परीक्षण और सुरक्षा मंजूरियों समेत कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
नए वित्त वर्ष में हो सकती है लॉन्चिंग
आरबीआई गवर्नर के मुताबिक फिलहाल पॉलिमर नोट के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री की खरीद को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद नोटों की प्रिंटिंग और गुणवत्ता से जुड़े परीक्षण किए जाएंगे। साथ ही करेंसी में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा फीचर्स की जांच और जरूरी मंजूरियां भी ली जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पॉलिमर नोट को बाजार में लाने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। यदि सभी तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ती हैं, तो नए वित्त वर्ष की शुरुआत में इन नोटों को चलन में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक के नोट?
पॉलिमर नोट लाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य करेंसी की उम्र बढ़ाना है। खासतौर पर कम मूल्य वाले नोट ज्यादा तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचते हैं, जिसके कारण वे जल्दी गंदे और खराब हो जाते हैं।
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि दुनिया के कई देशों में लंबे समय से पॉलिमर नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहां इनके अनुभव से पता चला है कि ये पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कई गुना ज्यादा समय तक टिक सकते हैं। इससे बार-बार पुराने नोटों को बदलने और नए नोट जारी करने की जरूरत कम हो सकती है।
10 और 20 रुपये के नोट से हो सकती है शुरुआत
पॉलिमर करेंसी को लेकर शुरुआती तौर पर 10 रुपये और 20 रुपये के नोटों पर काम किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार की मंजूरी के बाद आरबीआई को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करीब 2 अरब पॉलिमर नोट छापने की अनुमति मिली है।
पहले इन नोटों को सीमित स्तर पर इस्तेमाल कर उनकी टिकाऊ क्षमता, सुरक्षा, प्रिंटिंग और आम लोगों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
कागजी नोट से कितने अलग होंगे पॉलिमर नोट?
पॉलिमर नोट किसी सामान्य प्लास्टिक से नहीं, बल्कि एक विशेष सिंथेटिक पॉलिमर सामग्री से बनाए जाते हैं। इसमें मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल होता है, जिस पर करेंसी की डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स तैयार किए जाते हैं।
इन नोटों की खासियत यह है कि वे पानी और सामान्य टूट-फूट के प्रति कागजी नोटों से अधिक प्रतिरोधी हो सकते हैं। लंबे समय तक चलने की क्षमता के कारण कम मूल्य वाले नोटों के लिए यह तकनीक उपयोगी मानी जा रही है।
अभी पायलट प्रोजेक्ट पर रहेगा फोकस
फिलहाल पॉलिमर नोटों को लेकर जल्दबाजी में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जा रहा है। आरबीआई पहले सामग्री की खरीद, प्रिंटिंग, सुरक्षा परीक्षण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करेगा। इसके बाद सीमित संख्या में नोटों को पायलट आधार पर जारी किया जाएगा।


