Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा में ‘तमिल थाई वाजथु’ पर प्रस्ताव पास: सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले गाना होगा राज्य गीत

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी गीतों के क्रम को लेकर विवाद हुआ था। अब विधानसभा के प्रस्ताव से राज्य के आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वाजथु’ को प्राथमिकता देने की व्यवस्था और स्पष्ट हो गई है।

Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा में ‘तमिल थाई वाजथु’ पर प्रस्ताव पास: सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले गाना होगा राज्य गीत
X

Tamil Nadu: चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार को राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ को लेकर अहम प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव का डीएमके, एआईएडीएमके और कांग्रेस ने समर्थन किया। इसके तहत राज्य के शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत राज्य गीत से करना अनिवार्य होगा।

विजय बोले- तमिल गर्व और हमारी भावना है

प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि ‘तमिल थाई वाजथु’ को राज्य में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तमिल सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि लोगों की पहचान, जीवन और भावना से जुड़ी है। उन्होंने सभी दलों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।

1970 से सरकारी कार्यक्रमों में गाया जा रहा

प्रस्ताव में बताया गया कि ‘तमिल थाई वाजथु’ को मनोनमनियम सुंदरनार ने 1891 में लिखे नाटक ‘मनोनमनियम’ में शामिल किया था। 23 नवंबर 1970 के सरकारी आदेश के बाद इसे सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले गाने की व्यवस्था लागू हुई। 12 दिसंबर 2021 से इसे आधिकारिक राज्य गीत का दर्जा दिया गया।

वंदे मातरम् को लेकर विवाद के बाद फैसला

यह प्रस्ताव केंद्र के हालिया निर्देशों की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाने की बात कही गई थी। विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी गीतों के क्रम को लेकर विवाद हुआ था। अब विधानसभा के प्रस्ताव से राज्य के आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वाजथु’ को प्राथमिकता देने की व्यवस्था और स्पष्ट हो गई है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire