Tahir Husain: दिल्ली दंगा केस: IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या में ताहिर हुसैन को उम्रकैद, कड़कड़डूमा कोर्ट का बड़ा फैसला
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Tahir Husain: नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 188, 153A, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने उन्हें धारा 120B और 129 के आरोपों से बरी कर दिया।
दंगों के दौरान हुई थी अंकित शर्मा की हत्या
यह मामला वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा है। आरोप है कि हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ, जिसके बाद उनके पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था।
ताहिर की जमानत पहले ही हो चुकी थी खारिज
मामले में ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। ताहिर हुसैन की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने सितंबर 2025 में खारिज कर दी थी। अदालत में लंबी सुनवाई के बाद अब उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
कौन हैं ताहिर हुसैन?
ताहिर हुसैन ने वर्ष 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीता था। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में नाम सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। उनके खिलाफ कई मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई चलती रही है।


