Ram Mandir Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट, फॉरेंसिक ऑडिटर जोड़ने का निर्देश
Ram Mandir Case

Ram Mandir Case: नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा और दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ के सामने उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच की जानकारी दी। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए 25 जुलाई को नई एसआईटी का गठन किया गया है।
नई SIT में वरिष्ठ अधिकारी शामिल
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस कर रहे हैं। टीम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा, एसएसपी गौरव ग्रोवर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि जांच को और मजबूत बनाने के लिए एसआईटी में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाए। इस पर सरकार ने सहमति जताई।
दो हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा, "पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हम घटना की अच्छी तरह से जांच कर रहे हैं।" चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "हम निष्पक्ष, तेज और बिना किसी भेदभाव के जांच कराने पर ध्यान दे रहे हैं।"
पारदर्शिता पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा, "लोगों ने 500 रुपये और 1000 रुपये दिए हैं। आखिर में पैसा ट्रस्ट तक नहीं पहुंचा है। ट्रस्ट को जो भी राशि मिली है, उसे वेबसाइट पर दिखाया जा सकता है ताकि लोगों को पता चले कि उनका पैसा ट्रस्ट तक पहुंच गया है। यह कोई विवादात्मक मामला नहीं है।"
अदालत ने फिलहाल जांच पर पूरा ध्यान देने की बात कही और अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है।


