Rajya Sabha: राज्यसभा में गरमाई बहस, मनुस्मृति को लेकर आमने-सामने आए सत्ता पक्ष और विपक्ष, खरगे की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई गई
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Rajya Sabha: नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' यानी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मनुस्मृति पर की गई टिप्पणी को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के विरोध के बाद सभापति ने उनकी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "सरकार की नीतियां बार-बार उस मनुवादी सोच की याद दिलाती हैं, जिसका उल्लेख मनुस्मृति में मिलता है।" इसके बाद उन्होंने कहा, "शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते से उनके कान भर दिए जाएं। वेद मंत्र का उच्चारण करने पर उसकी जीभ काट ली जाए और वेद मंत्र धारण करने पर उसका शरीर काट लिया जाए।" उन्होंने आगे कहा, "ये आरएसएस का सिलेबस है। ऐसे विचारों की निंदा करता हूं। ऐसी सामग्री को सिलेबस से हटाया जाए। यूनिवर्सिटी में आरएसएस के लोग भरे जा रहे हैं।"
नड्डा ने जताई कड़ी आपत्ति
खरगे के बयान पर नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा, "खरगे के बयान से समाज में अशांति पैदा होगी।" उन्होंने आगे कहा, "खरगे जी ने जो कुछ कहा तथ्यों से परे है। इसलिए, नेता विपक्ष खरगे जी मनुस्मृति की मूल प्रति दिखाएं।" सभापति ने भी खरगे से कहा कि वह अपने बयान को प्रमाणित करें और मनुस्मृति संबंधी टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाने की घोषणा की।
सुधांशु त्रिवेदी और प्रमोद तिवारी भी बोले
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कई ऐतिहासिक पुस्तकों और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संदर्भ का उल्लेख करते हुए खरगे के बयान को प्रमाणित करने की मांग की। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एक पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रकाशित और उपलब्ध है, इसलिए इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
भर्ती परीक्षाओं पर सरकार का पक्ष
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड, बैंकिंग भर्ती संस्थान और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जैसी प्रमुख संस्थाएं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।


