Rahul Gandhi on Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, बोले - 'असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत'

Rahul Gandhi on Sonam Wangchuk: नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की गई। लंबे समय से अनशन और शरीर में पानी की कमी के कारण उनकी हालत कमजोर हो गई थी।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा है। सोनम वांगचुक जी को जंतर मंतर से तब हटाना गलत है, जब वह एक अहिंसक भूख हड़ताल पर थे। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों के सुसाइड भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं।"
राहुल गांधी ने आगे कहा, "कोई भी ताकत भारत के छात्रों को और हममें से उन लोगों को जो उनसे प्यार करते हैं, उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती है।"
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2026
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No…
पुलिस ने क्या सफाई दी?
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए।
विपक्ष और अन्य नेताओं का समर्थन
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वांगचुक का समर्थन किया और लोगों से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की अपील की। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे थे।


