India Services Sector Growth: जुलाई में सुस्त पड़ा सेवा क्षेत्र, साढ़े चार साल की सबसे धीमी रही विकास दर, एचएसबीसी सर्विसेज पीएमआई 57.4 से फिसलकर 53.3 पर पहुंचा
India Services Sector Growth

India Services Sector Growth: नई दिल्ली। देश के सेवा क्षेत्र की रफ्तार जुलाई में उल्लेखनीय रूप से धीमी पड़ गई। घरेलू और विदेशी बाजारों से नए कारोबार के ऑर्डर कम मिलने, मांग कमजोर रहने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कारोबारी गतिविधियां पिछले साढ़े चार वर्षों की सबसे धीमी गति से बढ़ीं। हालांकि, सेवा क्षेत्र में विस्तार का क्रम अभी भी जारी है।
एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के मुताबिक, जुलाई में कारोबारी गतिविधि सूचकांक जून के 57.4 से घटकर 53.3 पर आ गया। यह पिछले 53 महीनों का सबसे निचला स्तर है। हालांकि सूचकांक अभी भी 50 के ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि सेवा क्षेत्र में वृद्धि जारी है, लेकिन उसकी गति पहले की तुलना में काफी धीमी हो गई है।
एचएसबीसी की भारत की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि पिछले कई महीनों के मजबूत प्रदर्शन के बाद जुलाई में घरेलू और निर्यात, दोनों बाजारों से नए ऑर्डर की रफ्तार कमजोर पड़ी है। उन्होंने बताया कि मांग में कमी, कड़ी प्रतिस्पर्धा, बाजार की सुस्ती और ऑर्डर टलने जैसी वजहों से कारोबार प्रभावित हुआ।
सर्वेक्षण के अनुसार, नए कारोबार में बढ़ोतरी फरवरी 2022 के बाद सबसे धीमी रही। इसके बावजूद रोजगार के मोर्चे पर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। जून में छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद जुलाई में नई नियुक्तियों की रफ्तार में हल्का सुधार दर्ज किया गया। हालांकि केवल छह प्रतिशत कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई, जबकि 92 प्रतिशत कंपनियों ने अपने स्टाफ में कोई बदलाव नहीं किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन, श्रम, कच्चे माल, तकनीक और परिवहन की बढ़ती लागत के कारण कंपनियों पर लागत का दबाव बना रहा। इसके बावजूद कई कंपनियों ने बिक्री मूल्य बढ़ाकर अपने लाभ मार्जिन में सुधार करने की कोशिश की।
निर्यात के मोर्चे पर स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका से नए ऑर्डर मिलने के कारण विदेशी कारोबार में वृद्धि दर्ज की गई। कंपनियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में मांग में सुधार, प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से कारोबार को मजबूती मिलेगी।
इस बीच, समग्र कारोबारी विश्वास जुलाई में घटकर सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई उत्पादन सूचकांक जून के 57.1 से घटकर जुलाई में 54.3 पर आ गया, जो मार्च 2022 के बाद सबसे धीमी विस्तार दर को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र की सुस्ती के मुकाबले विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि में हल्का सुधार देखने को मिला।


