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Brij Bhushan Singh : बृजभूषण सिंह महिला पहलवान यौन शोषण केस में बरी, 3 साल बाद आया दिल्ली कोर्ट का फैसला, बोले-चलिए जो हुआ सो हुआ

Brij Bhushan Singh : बृजभूषण सिंह महिला पहलवान यौन शोषण केस में बरी, 3 साल बाद आया दिल्ली कोर्ट का फैसला, बोले-चलिए जो हुआ सो हुआ
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Brij Bhushan Singh ) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से छेड़छाड़ के मामले में आरोप मुक्त घोषित कर दिया है। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ ही WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी आरोप मुक्त कर दिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 6 महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मई 2024 में अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने के आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में अदालत ने उन्हें पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था।

बृजभूषण शरण सिंह ने अदालत के फैसले के बाद पहली प्रतिक्रिया में कहा, कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया। मैंने उस दिन कहा था कि मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा, वह नौबत नहीं आई, आज मैं कोर्ट से जा रहा हूं। आरोप लगाने वालों और राजनीतिक साजिश के सवालों पर पूर्व सांसद ने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए कहा,'चलिए जो हुआ सो हुआ।'

Brij Bhushan Singh : क्या-क्या आरोप लगाए गए थे

दिल्ली पुलिस ने 15 जून को 6 बार के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 354ए (यौन उत्पीड़न), धारा 354डी (पीछा करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

wrestlers sexual harassment case: कब क्या-क्या हुआ पूरी टाइमलाइन

23 जनवरी 2023 को खेल मंत्रालय ने पहलवानों की शिकायतों की जांच के लिए ओवरसाइट कमेटी बनाई. अप्रैल 2023 में समिति ने अपनी रिपोर्ट भारतीय ओलंपिक संघ को सौंप दी। 21 अप्रैल को छह महिला पहलवानों ने कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दी और 23 अप्रैल से दोबारा जंतर-मंतर पर धरना शुरू कर दिया।

25 अप्रैल 2023 को पहलवान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसी दिन एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद छह महिला पहलवानों की शिकायत पर एफआईआर संख्या 78/2023 दर्ज हुई, जबकि एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग एफआईआर संख्या 77/2023 दर्ज की गई।

4 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज होने के बाद याचिका का निस्तारण कर दिया। 28 मई को नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पहलवानों को हिरासत में लिया गया। 30 मई को पहलवान अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार पहुंचे। 3 जून को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारी पहलवानों से मुलाकात की और 7 जून को अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद 15 जून तक आंदोलन स्थगित कर दिया गया।

15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने एफआईआर 78/2023 में बृजभूषण शरण सिंह और तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसी दिन पॉक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई। 7 जुलाई को अदालत ने मामले का संज्ञान लिया और 20 जुलाई को दोनों आरोपियों को जमानत मिल गई।


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