Top
Begin typing your search above and press enter to search.

'भारतीय से शादी करने से वीजा की गारंटी नहीं मिलती': केरल उच्च न्यायालय ने ख़ारिज की पाकिस्तानी महिला की याचिका

शादी से नहीं मिलता भारत में प्रवेश का अधिकार

भारतीय से शादी करने से वीजा की गारंटी नहीं मिलती: केरल उच्च न्यायालय ने ख़ारिज की पाकिस्तानी महिला की याचिका
X

कोच्चि। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी विदेशी नागरिक को सिर्फ भारतीय नागरिक से शादी करने के आधार पर भारत का वीजा पाने का अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने पाकिस्तानी महिला और उसके भारतीय पति की याचिका खारिज कर दी। महिला भारत में अपने पति के भाई की शादी में शामिल होना चाहती थी।

दुबई में हुई थी दोनों की शादी

याचिका के मुताबिक, दंपति की शादी 1 जून 2025 को दुबई में हुई थी और दोनों फिलहाल विदेश में रह रहे हैं। महिला अपने पति के भाई की शादी में शामिल होने के लिए भारत आना चाहती थी। उसने भारतीय वीजा के लिए आवेदन करना चाहा, लेकिन उसे आवेदन करने की कोई प्रक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दंपति ने हाईकोर्ट का रुख किया।

लंबे समय के वीजा की भी मांग

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि महिला को वीजा के लिए आवेदन करने का मौका नहीं देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि शादी में शामिल होने के लिए भले ही अभी यात्रा वीजा चाहिए, लेकिन भारतीय नागरिक की पत्नी होने के कारण भविष्य में उन्हें लंबे समय के वीजा की जरूरत होगी।

केंद्र ने कहा- वीजा देना सरकार का अधिकार

केंद्र सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि किसी विदेशी नागरिक का भारत में प्रवेश कानून और सरकारी नीतियों के तहत तय होता है। वीजा जारी करना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और भारत में प्रवेश के लिए वीजा जरूरी है।

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिकों की वीजा सेवा बंद

हाईकोर्ट ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं। कोर्ट के मुताबिक यह आदेश अभी भी लागू है। इसलिए पाकिस्तानी नागरिक वीजा आवेदन पर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकते।

विदेशियों का प्रवेश केंद्र सरकार के अधिकार में

कोर्ट ने कहा कि विदेशियों के भारत में प्रवेश, ठहरने, आने-जाने और देश से बाहर जाने को नियंत्रित करना केंद्र सरकार की संप्रभु शक्ति है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक से शादी करने वाला विदेशी नागरिक भी भारत में प्रवेश या वीजा पाने का कानूनी अधिकार नहीं मांग सकता।

अनुच्छेद 14 और 21 की दलील भी खारिज

कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 14 का अधिकार गैर-नागरिकों पर भी लागू होता है, लेकिन भारत से बाहर मौजूद विदेशी नागरिक इस आधार पर भारत में वीजा प्रक्रिया शुरू कराने का दावा नहीं कर सकता। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने दंपति की याचिका खारिज कर दी।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire