मणिपुर फिर ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित: केंद्र सरकार ने 6 महीने के लिए लागू किया AFSPA, सेना को मिलेंगी विशेष शक्तियां, 13 थाना क्षेत्र बाहर
मणिपुर में फिर बढ़ा AFSPA का दायरा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2026 को मणिपुर के ज्यादातर हिस्से को छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। यह फैसला राज्य में जारी हिंसा और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है।
13 पुलिस थाना क्षेत्र रहेंगे बाहर
मणिपुर में AFSPA पूरे राज्य में लागू नहीं होगा। पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें इंफाल और आसपास के कई थाना क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि स्थिति की समीक्षा के आधार पर अधिसूचना को तय अवधि से पहले भी वापस लिया जा सकता है।
AFSPA में क्या मिलती हैं शक्तियां
AFSPA की धारा 3 के तहत किसी इलाके को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया जा सकता है। इसके बाद सशस्त्र बलों को सुरक्षा अभियान चलाने के दौरान कानून में दिए गए विशेष अधिकार मिलते हैं। इनमें कुछ परिस्थितियों में बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी जैसी शक्तियां शामिल हैं।
हिंसा के बीच लिया गया फैसला
मणिपुर में 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा का दौर जारी है। हाल के दिनों में भी अलग-अलग इलाकों में गोलीबारी और हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं। इसी सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्र ने AFSPA के तहत अशांत क्षेत्र का दर्जा आगे बढ़ाया है।
नागालैंड में भी AFSPA जारी
गृह मंत्रालय ने नागालैंड के नौ जिलों और पांच अन्य जिलों के 21 पुलिस थाना क्षेत्रों में भी AFSPA को अगले छह महीने के लिए जारी रखा है। यह आदेश भी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।


