Top
Begin typing your search above and press enter to search.

खरगे की मांग- लोकसभा और सभी विधानसभाएं भंग हों: कहा- देश में हुए चुनाव गैर-कानूनी, बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की मांग, मोदी-शाह पर भी साधा निशाना

‘पूरा देश गैर-कानूनी चुनावों के आधार पर चल रहा’

खरगे की मांग- लोकसभा और सभी विधानसभाएं भंग हों: कहा- देश में हुए चुनाव गैर-कानूनी, बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की मांग, मोदी-शाह पर भी साधा निशाना
X

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि देश में हुए सभी चुनाव गैर-कानूनी हैं। खरगे ने कहा कि इसी आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राज्यों के मुख्यमंत्री भी गैर-कानूनी हैं। उन्होंने सभी सदनों को भंग कर नए चुनाव कराने और इनमें EVM की जगह बैलेट पेपर इस्तेमाल करने की मांग की।

EVM के कथित गलत इस्तेमाल का लगाया आरोप

पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा, 'आज पूरा देश गैर-कानूनी चुनावों के आधार पर चल रहा है। मोदी एक गैर-कानूनी प्रधानमंत्री हैं, शाह एक गैर-कानूनी मंत्री हैं और जहां भी मुख्यमंत्री चुने गए हैं, वे सभी गैर-कानूनी हैं। इन सभी को भंग कर दिया जाना चाहिए, नए चुनाव होने चाहिए और चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए।' उन्होंने EVM के कथित गलत इस्तेमाल का भी आरोप लगाया और कहा कि इस बारे में 'उनके अपने लोग' भी बात कर रहे हैं।

SIR को लेकर भी सरकार पर निशाना

कर्नाटक में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे ने कई राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कई गड़बड़ियां हैं और सरकार की ओर से गलतियां की जा रही हैं। उनके मुताबिक इसका असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष SIR और चुनावी प्रक्रिया के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ देशभर में आंदोलन जारी रखेगा।

INDIA गठबंधन की बैठक में क्या हुआ

खरगे ने कहा कि 30 सितंबर की INDIA गठबंधन की बैठक में 20 राजनीतिक दलों के सदस्य और उनके कानूनी सेल के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उनके मुताबिक सभी दल इस बात पर सहमत थे कि SIR देश के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि इसका असर गरीबों, कम पढ़े-लिखे लोगों, मजदूरों और खास तौर पर अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है।

खरगे ने सवाल उठाया कि अगर किसी बूथ की वोटर लिस्ट से 500 वोट हटा दिए जाएं तो इसे निष्पक्ष चुनाव कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ नाम हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नाम जोड़ने की कोशिश भी चल रही है।

पुराने नेताओं का उदाहरण देकर सवाल

खरगे ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, नरसिम्हा राव और राजीव गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले किसी नेता ने इस तरह की कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR से युवाओं, गरीबों, दलितों और वंचित वर्गों को नुकसान हो रहा है।

2023 के कानून पर भी उठाए सवाल

खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर सवाल उठाया। उन्होंने धारा 16 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत चुनाव आयुक्तों को पद पर रहते हुए लिए गए फैसलों के लिए कानूनी कार्रवाई से छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्ति वाली समिति में CJI, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री होते थे, लेकिन 2023 के कानून में CJI की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया।

चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही का मुद्दा

खरगे ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्त गलती करते हैं तो उनके खिलाफ जांच का रास्ता मुश्किल हो गया है। उन्होंने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के दो सदस्यों की चिट्ठियों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक दोनों सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को क्रमशः 10 और 14 बार पत्र लिखे, लेकिन उनकी बातों का कोई असर नहीं हुआ।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

खरगे ने कहा कि देश को तय करना होगा कि लोकतंत्र को बचाना है या खत्म होने देना है। उन्होंने बताया कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम भी घोषित किया है।

बैलेट पेपर से चुनाव की मांग दोहराई

खरगे ने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम लोगों को इस मुद्दे के बारे में जागरूक करना है। उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव को लेकर रणनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे क्या कर सकते हैं और क्या चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।

कानूनी रास्ते पर भी नाराजगी

कानूनी रास्ते को लेकर सवाल पूछे जाने पर खरगे ने कहा कि उनके मुताबिक कानून सरकार के साथ है और न्यायपालिका भी सरकार के प्रभाव में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग सरकार के हाथों में हैं और मशीनें भी उनके निर्देश पर चलती हैं। उन्होंने वोट बदलने का भी आरोप लगाया और कहा कि इसी वजह से मोदी और शाह को सबसे पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सत्ता से बाहर होना चाहिए।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire