स्वतंत्र भारद्वाज को डबल झटका: निचली अदालत से 14 दिन की जेल, हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज की
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

नई दिल्ली: एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट के मामलों में गिरफ्तार यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज को सोमवार को दोहरा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग वाली उनकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। जस्टिस नवीन चावला और रविंद्र डुडेजा की बेंच ने मामले में राहत देने से इनकार किया।
21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत
वहीं, दिल्ली की अतिरिक्त सत्र अदालत ने भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने उनकी हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी
स्वतंत्र भारद्वाज को दलित छात्रा के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई घटना से जुड़ा है।
इंटरव्यू के बाद बढ़ा विवाद
मामला तब सुर्खियों में आया, जब एक इंटरव्यू में भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने और उन्हें गंभीर चोट पहुंचाने का दावा किया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पॉक्सो और आईटी एक्ट में भी केस
एक नाबालिग छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोपों में पॉक्सो एक्ट के साथ बीएनएस की धाराएं और आईटी एक्ट की धारा 67 भी एफआईआर में जोड़ी है।


