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Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, आज से तोड़ी जाएंगी 27 जर्जर इमारतें; मालिकों को भेजा नोटिस

MCD की टीम वेस्ट जोन और शाहदरा साउथ जोन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेगी। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा कुछ इमारतों को खाली कराकर सील भी किया गया है।

Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, आज से तोड़ी जाएंगी 27 जर्जर इमारतें; मालिकों को भेजा नोटिस
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नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद नगर निगम दिल्ली (MCD) ने जर्जर और खतरनाक इमारतों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। हादसे के बाद किए गए सर्वे में 51 ऐसी इमारतों की पहचान की गई है, जिन्हें असुरक्षित पाया गया है। इनमें से 27 इमारतों को गिराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

MCD की टीम बुधवार से वेस्ट जोन और शाहदरा साउथ जोन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेगी। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा कुछ इमारतों को खाली कराकर सील भी किया गया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन

सत्य निकेतन इलाके में जर्जर इमारत गिरने से कई लोगों की मौत के बाद दिल्ली प्रशासन ने पुराने और कमजोर भवनों की जांच तेज कर दी है। MCD की टीम ने कई इलाकों में हॉस्टल, PG और व्यावसायिक इमारतों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान भवन की मजबूती, निर्माण की स्थिति, फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमारत की उम्र और स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण जैसे बिंदुओं की जांच की गई।

27 इमारतों पर चलेगा बुलडोजर, 7 को किया गया सील

MCD अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में मिली 51 जर्जर इमारतों में से 27 को तुरंत गिराने का फैसला लिया गया है। वहीं 7 इमारतों को खाली कराकर सील कर दिया गया है। कुल 35 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

सत्य निकेतन इलाके में 'हॉस्टल डेज' के पास स्थित जर्जर इमारत को भी गिराने की तैयारी पूरी की जा रही है। इससे पहले इमारत से वॉटर प्लांट और कैंटीन जैसी संरचनाओं को हटाया गया, ताकि सुरक्षित तरीके से ध्वस्तीकरण किया जा सके।

PG और हॉस्टल की सुरक्षा जांच में जुटी MCD

MCD के अधिकारियों ने बताया कि PG और हॉस्टल संचालकों की भी जांच की जा रही है। इसमें फायर NOC, बिल्डिंग का लाइसेंस, कमरों की संख्या, कन्वर्जन चार्ज और सुरक्षा मानकों की जांच शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

सत्य निकेतन मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर कार्रवाई जारी

सत्य निकेतन इमारत हादसे के मामले में पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। मकान मालिक के बेटे महेश को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसकी पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

वहीं मकान मालिक उर्मिला और हरिराम बंसल को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि महेश इमारत के रखरखाव का काम देखता था और अगस्त 2025 में भवन को PG संचालन के लिए लीज पर दिया गया था।

कासगंज से लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के कासगंज से एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

जांच में पता चला है कि बारिश के कारण बेसमेंट में जमा कचरे को हटाने और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ निर्माण कार्य किए जा रहे थे। पुलिस अब मरम्मत कार्य, निर्माण की गुणवत्ता और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

जर्जर इमारतों पर अब सख्त निगरानी

MCD का कहना है कि दिल्ली में कमजोर और पुराने भवनों की पहचान कर उन पर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरनाक इमारतों को समय रहते हटाया जाए और भवन नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।


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