Chamba Bus Accident: हिमाचल के चंबा में भीषण हादसा : खाई में गिरी बस; 7 लोगों की मौत, 11 घायल
तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चालुज मोड़ के पास बैरागढ़ से चंबा जा रही एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चालुज मोड़ के पास बैरागढ़ से चंबा जा रही एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के वक्त बस में कुल 18 लोग सवार थे।
सुबह करीब 6:30 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, निजी बस शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। बस ने अभी करीब तीन किलोमीटर का ही सफर तय किया था कि देवीकोठी के पास चालुज मोड़ पर चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद बस सड़क से नीचे जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार कई यात्री अंदर ही फंस गए।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत-बचाव अभियान
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और राहत टीमों के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
7 लोगों की मौत, 11 यात्री घायल
चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 लोग घायल हैं। मृतकों और घायलों की विस्तृत पहचान तथा हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर प्रशासन की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
चंबा में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे
चंबा जिले में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों ने चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ समय में जिले में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। हाल ही में चंबा क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से एक वाहन में सवार 13 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 28 जुलाई को भी पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गांव के पास वाहन के खाई में गिरने से पांच लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं के बीच पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


