Lok Sabha Election 2029: BJP ने शुरू की तैयारी, 7 मोर्चों के प्रभारी नियुक्त; जानें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी में BJP ने सात मोर्चों के प्रभारी नियुक्त किए हैं। जानें हरीश द्विवेदी, डी. पुरंदेश्वरी समेत किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारियों को लेकर संगठन स्तर पर काम तेज कर दिया है। पार्टी ने अपने सात संगठनात्मक मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। भाजपा की ओर से जारी जिम्मेदारियों में युवा, महिला, एससी, ओबीसी, किसान, एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं।
इन नियुक्तियों में बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। आंध्र प्रदेश बीजेपी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (डी. पुरंदेश्वरी) को महिला मोर्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
BJP ने 7 मोर्चों के प्रभारी नियुक्त किए
भाजपा ने सातों मोर्चों के लिए जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी है, उनकी सूची इस प्रकार है:-
1- युवा मोर्चा:- हरीश द्विवेदी
2- महिला मोर्चा:- डी. पुरंदेश्वरी
3- एससी मोर्चा:- संजय भाटिया
4- ओबीसी मोर्चा:- बैजयंत पांडा
5- किसान मोर्चा:- लाल सिंह आर्य
6- एसटी मोर्चा:- सतीश पूनिया
7- अल्पसंख्यक मोर्चा:- गजेंद्र पटेल
हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी
बस्ती से सांसद हरीश द्विवेदी को भाजपा के युवा मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में युवा मोर्चा की महत्वपूर्ण भूमिका है और अब इसकी जिम्मेदारी हरीश द्विवेदी संभालेंगे।
डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे का प्रभार
आंध्र प्रदेश बीजेपी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी ने संगठन के महिला मोर्चे की जिम्मेदारी उनके हाथों में सौंपी है।
इन नेताओं को भी मिली अहम जिम्मेदारी
भाजपा ने संजय भाटिया को एससी मोर्चा, बैजयंत पांडा को ओबीसी मोर्चा और लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे का प्रभारी बनाया है। इसके अलावा सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा और गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
इन सातों नियुक्तियों के साथ भाजपा ने अपने अलग-अलग संगठनात्मक मोर्चों के लिए नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। ये मोर्चे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा हैं और इनके जरिए संबंधित वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित किया जाता है।


