अभिजीत, सौरव और आशुतोष 23 घंटे बाद रिहा, आज फिर जंतर-मंतर मार्च का ऐलान; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सुप्रीम कोर्ट में याचिका की खबरों को नकारा

नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया था। पार्टी ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन की योजना बनाई थी।
मजिस्ट्रेट के आदेश पर मिली रिहाई
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद तीनों नेताओं को रिहा कर दिया गया है। उन्हें रविवार सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना था। रिहाई के बाद नेताओं ने दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जानकारी दी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका की खबरों को नकारा
तीनों नेताओं की हिरासत के बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, रत्ना सिंह ने स्पष्ट किया कि यह याचिका पार्टी की ओर से दाखिल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सीजेपी की कानूनी टीम ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को मंजूरी नहीं दी है और पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख नहीं कर रही है।
एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप
सीजेपी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना चाहती थी। इसी सिलसिले में तीनों नेता दिल्ली पहुंचे थे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन का ऐलान
नेताओं की रिहाई के बाद सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने रविवार को फिर से प्रदर्शनकारियों के साथ जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे। पार्टी ने साफ किया कि वह मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रहेगी।


