MP : ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ विजन पर राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ : CM मोहन यादव ने युवाओं से किया सीधा संवाद
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत के पास हमेशा से सामर्थ्य और प्रतिभा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को अपनी ताकत का नए सिरे से एहसास हुआ है।

भोपाल। मध्य प्रदेश को वर्ष 2047 तक समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ विजन पर राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्थानों, राज्य शासन के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की रणनीति पर मंथन किया। बैठक में 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता को मध्य प्रदेश की जरूरतों से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई।
हर क्षेत्र की क्षमता को विकास से जोड़ने पर जोर
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत के पास हमेशा से सामर्थ्य और प्रतिभा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को अपनी ताकत का नए सिरे से एहसास हुआ है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत लगातार अपनी आर्थिक, तकनीकी और सामरिक क्षमता मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में देश को मजबूत बनाने में विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शिक्षा और सुरक्षा सभी क्षेत्रों की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश भी हर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, विशेषज्ञ संस्थानों और समाज को मिलकर काम करना होगा।
केंद्रीय संस्थानों के साथ मजबूत होगी साझेदारी
‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ के तहत आयोजित कॉन्क्लेव में यह विचार किया गया कि प्रदेश में मौजूद केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग कैसे किया जाए। शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, उद्योग और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाकर राज्य की विकास योजनाओं को नई दिशा देने पर जोर दिया गया। सरकार का फोकस ऐसी कार्ययोजना तैयार करने पर है, जिसमें अगले दो दशकों के विकास लक्ष्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके और हर क्षेत्र के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय हो।
रविंद्र भवन में युवाओं से CM का सीधा संवाद
इसी दौरान भोपाल के रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के साथ कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम में सीधे बातचीत की। बड़ी संख्या में युवाओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और खेती-किसानी, तकनीक, बाजार और रोजगार से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए अपने निजी अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि किसान परिवार से आने के कारण खेती से उनका आज भी गहरा जुड़ाव है और खेत में समय बिताना उन्हें सबसे ज्यादा आनंद देता है।
खेती अब सिर्फ परंपरा नहीं, रोजगार और इनोवेशन का क्षेत्र
युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कृषि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय के कई स्रोत बना सकते हैं। उन्होंने बेहतर बाजार व्यवस्था, MSP, भावांतर योजना और कृषि से जुड़े अन्य अवसरों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से गांवों में ही रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल सकते हैं।
व्यक्तिगत अनुभव से युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश
कृषि नवाचार संवाद की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने कई सवालों का जवाब केवल सरकारी योजनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि अपने खेती से जुड़े व्यक्तिगत अनुभवों के जरिए भी दिया। उन्होंने युवाओं को खेती को सिर्फ परंपरागत पेशा मानने के बजाय इसे तकनीक और व्यवसाय से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अगर कृषि में नवाचार, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर ध्यान दे तो खेती अधिक लाभकारी बन सकती है।
संभाग स्तर पर भी होंगे कृषि नवाचार संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि युवाओं और किसानों के बीच संवाद को और व्यापक बनाने के लिए संभाग स्तर पर भी कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं, किसानों, कृषि विशेषज्ञों और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी।
2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री के दोनों कार्यक्रमों का मुख्य संदेश यही रहा कि समृद्ध मध्य प्रदेश का लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं से हासिल नहीं होगा। इसके लिए केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता, युवाओं की ऊर्जा, किसानों की नवाचार क्षमता और उद्योगों की भागीदारी को एक साथ जोड़ना जरूरी होगा।


