MP News : इंदौर में पहली बार सजेगा ‘मध्य प्रदेश फ़ूड फ़ेस्टिवल’, एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रदेश का असली स्वाद

MP News : इंदौर। इंदौर का कम्युनिटी प्लेटफ़ॉर्म उड़ते कबूतर और अनसीन एमपी पहली बार मध्य प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत को समर्पित ‘मध्य प्रदेश फ़ूड फ़ेस्टिवल’ लेकर आ रहे हैं। यह तीन दिवसीय आयोजन 14 से 16 अगस्त 2026 तक फीनिक्स सिटाडेल मॉल, इंदौर में आयोजित किया जाएगा।
इस फ़ूड फ़ेस्टिवल में आगंतुकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों—मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल, चंबल-ग्वालियर और जनजातीय क्षेत्रों—के 50 से अधिक पारंपरिक एवं प्रामाणिक व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर चखने का अवसर मिलेगा। सभी व्यंजन प्रसिद्ध फ़ूड रिसर्चर एवं सेलिब्रिटी शेफ हर्षिता काकवानी और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा तैयार किए जाएंगे।
पिछले 25 वर्षों से भारत की पारंपरिक और स्थानीय खाद्य संस्कृति पर शोध कर रहीं शेफ हर्षिता काकवानी ने कहा कि मध्य प्रदेश का खान-पान केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और जनजातीय परंपराओं का जीवंत परिचय है। उन्होंने कहा कि इस फ़ेस्टिवल का उद्देश्य लोगों को मध्य प्रदेश के वास्तविक और कम चर्चित स्वादों से परिचित कराना है।
उड़ते कबूतर के संस्थापक शशांक गर्ग और ऋतिक साहू ने बताया कि यह आयोजन केवल एक फ़ूड फ़ेस्टिवल नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक खाद्य विरासत को नए दर्शकों तक पहुँचाने का एक सामूहिक प्रयास है। उनका कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से लोग न केवल स्वाद का आनंद लेंगे, बल्कि प्रत्येक व्यंजन के पीछे छिपी संस्कृति और कहानी को भी जान सकेंगे।
अनसीन एमपी के संस्थापक रौनक आनंद ने कहा कि जिस तरह यह मंच मध्य प्रदेश की अनदेखी कहानियों को दुनिया तक पहुंचा रहा है, उसी तरह अब प्रदेश के असली स्वाद को भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं इतिहासकार एवं हेरिटेज स्टोरीटेलर अरुणिका माथुर ने कहा कि किसी भी प्रदेश की संस्कृति को समझने का सबसे सहज माध्यम उसका भोजन होता है और यह फ़ेस्टिवल उसी विरासत का उत्सव है।
आयोजकों ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे 14, 15 और 16 अगस्त के बीच फीनिक्स मॉल, इंदौर पहुँचकर मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय स्वादों और समृद्ध पाक विरासत का अनुभव करें तथा ‘मध्य प्रदेश फ़ूड फ़ेस्टिवल’ का हिस्सा बनें।


