MP News : CM मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित, कुंभराज धनिया को जल्द मिलेगा GI टैग, प्रदेश में 20% बढ़ेगा उद्यानिकी रकबा
मध्य प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कृषि के साथ पशुपालन और उद्यानिकी को भी बढ़ावा दे रही है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कृषि के साथ पशुपालन और उद्यानिकी को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल से गुना कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ में किसानों को खेती के साथ आय के दूसरे स्रोतों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुंभराज धनिया को जल्द मिलेगा GI टैग
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुना जिला धनिया और गुलाब उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। इसी क्रम में कुंभराज धनिया को जल्द GI टैग दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी के क्षेत्र को विस्तार देने के लिए इसके कुल रकबे में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ज्यादा लाभ देने वाली फसलों और बागवानी से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन को किसानों की आय का मजबूत माध्यम बनाने के लिए नस्ल सुधार और डेयरी विकास पर काम किया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की हिस्सेदारी को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आधुनिक पशुपालन, बेहतर नस्ल और डेयरी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सिंचाई और दिन में बिजली की सुविधा से किसानों को राहत
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने से कृषि कार्य पहले की तुलना में आसान हुए हैं। सिंचाई और ऊर्जा की बेहतर उपलब्धता से उत्पादन बढ़ाने और किसानों की लागत तथा मेहनत को कम करने में मदद मिल रही है।
युवाओं को भी कृषि और डेयरी से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी के आधुनिक अवसरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्नत गोपालन और डेयरी आधारित गतिविधियों में युवा बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
किसानों से सामाजिक कुरीतियां छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती-किसानी के साथ सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव अपनाने की अपील की। उन्होंने विवाह और अन्य पारिवारिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च कम करने, कृषि भूमि बेचने से बचने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती के लिए किसान परिवारों को लंबे समय की योजना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस भूमि से अन्न प्राप्त होता है, उसके प्रति सम्मान का भाव रखना जरूरी है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से मिट्टी की गुणवत्ता और खेती की स्थिरता को बेहतर किया जा सकता है।
चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और किसान हित से जुड़े कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
प्रदर्शनी में किसानों को मिली नई तकनीक की जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि और विभिन्न विभागों की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अधिकारियों से योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और बेहतर उत्पादन से जुड़े उपायों के बारे में जानकारी दी।
मेधावी छात्रों और प्रगतिशील किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कृषक परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ जैविक खेती और उन्नत तकनीक अपनाने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। वहीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी कार्यक्रम में सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


