MP Gopalak Sammelan: अमित शाह ने ₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट का किया भूमिपूजन, गोशालाओं को ₹101 करोड़ से अधिक की सहायता
अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमिपूजन किया। साथ ही पशुपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े विभिन्न हितलाभों का वितरण किया गया।

भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। सम्मेलन में डेयरी सहकारिता, पशुपालन, गोवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई कार्यक्रम हुए। अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमिपूजन किया। साथ ही पशुपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े विभिन्न हितलाभों का वितरण किया गया।
दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य
सम्मेलन की रिपोर्टों के मुताबिक अमित शाह ने मध्य प्रदेश को दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने का लक्ष्य सामने रखा। नशे के खिलाफ अभियान को लेकर उन्होंने प्रदेश में आगे की कार्रवाई और प्रयास तेज करने की बात कही। हालांकि, केंद्र सरकार की आधिकारिक कार्यक्रम संबंधी विज्ञप्ति में इस विशेष मध्य प्रदेश लक्ष्य का उल्लेख नहीं है; इसलिए इसे अमित शाह के संबोधन में कही गई बात के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट
उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। अमित शाह ने इसका डिजिटल भूमिपूजन किया। परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में दूध के प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। सरकारी जानकारी के मुताबिक परियोजना में राज्य सरकार की ओर से 170 करोड़ रुपये का योगदान और शेष राशि दुग्ध संघ के माध्यम से जुटाए जाने का प्रावधान है।
भोपाल और शिवपुरी में भी डेयरी परियोजनाओं का विस्तार
कार्यक्रम में भोपाल के 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के 6.5 करोड़ रुपये के सुदृढ़ीकरण कार्य को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। इन परियोजनाओं का फोकस दूध की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता जांच की क्षमता बढ़ाने पर है।
गोशालाओं के लिए ₹101 करोड़ से अधिक की सहायता
राज्य की पंजीकृत गोशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव के लिए जुलाई-अगस्त 2026 की 101 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि DBT के जरिए भेजे जाने की जानकारी दी गई। वर्तमान व्यवस्था के तहत गोशालाओं में दर्ज प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
डेयरी सहकारी सदस्यों को ₹15.10 करोड़ का लाभांश
सम्मेलन में दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया। इसके अलावा भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े दूध उत्पादकों को बोनस देने की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
गोपालक दीदियों और पशुपालकों पर फोकस
सम्मेलन में पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की आय से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लखपति गोपालक दीदी योजना से दो लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। योजना के तहत बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं के लिए कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जा सके।
भोपाल में न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी
गौपालक सम्मेलन से पहले अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से नए कानूनों के क्रियान्वयन और पुलिस व्यवस्था में हुए बदलावों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।
IISER भोपाल-अत्रि परिसर का भी शिलान्यास
अमित शाह के भोपाल दौरे में भौंरी स्थित IISER भोपाल-अत्रि परिसर से जुड़ा कार्यक्रम भी शामिल रहा। प्रस्तावित परिसर के लिए राज्य सरकार ने 52 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। यहां क्वांटम विज्ञान, उन्नत सामग्री, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य शोध क्षेत्रों पर काम किए जाने की योजना है।


