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350 करोड़ का हाईटेक प्लेन, MP सरकार के बेड़े में शामिल होगा ‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’, ये हैं बड़ी खूबियां

मध्यप्रदेश सरकार की हवाई सेवाओं को जल्द ही नई ताकत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया जेट विमान ‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’ मिलने जा रहा है।

350 करोड़ का हाईटेक प्लेन, MP सरकार के बेड़े में शामिल होगा ‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’, ये हैं बड़ी खूबियां
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भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की हवाई सेवाओं को जल्द ही नई ताकत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया जेट विमान ‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’ मिलने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह विमान कनाडा के टोरंटो से उड़ान भरकर सितंबर के अंत तक भोपाल पहुंच सकता है।

विमान की हैंडओवर प्रक्रिया और क्वालिटी वेरिफिकेशन के लिए 22 से 26 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद विमान के 26 या 27 सितंबर को भारत के लिए रवाना होने की संभावना है और 30 सितंबर तक इसके भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।

350 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा गया जेट

मध्यप्रदेश सरकार का नया विमान बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 एक मिड-साइज बिजनेस जेट है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह विमान आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है। इसका वजन करीब 18 हजार किलोग्राम है और यह पुराने विमान की तुलना में ज्यादा क्षमता और बेहतर सुविधाओं वाला होगा।

एक बार में भर सकेगा 6500 किलोमीटर की उड़ान

चैलेंजर 3500 जेट की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी उड़ान क्षमता है। यह विमान एक बार में करीब 6500 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। इस क्षमता के चलते कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दूरी भी बिना रुके तय की जा सकती है। विमान में करीब 9 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी, जिससे यह मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए उपयोगी साबित होगा।

अमेरिका में ट्रेनिंग ले रहे पायलट

विमान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश सरकार के दो पायलट विश्वास राय और अरविंद मेहरा अमेरिका में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दोनों पायलट विमान को खुद उड़ाकर भोपाल लेकर आएंगे। टोरंटो से भोपाल की दूरी करीब 12 हजार किलोमीटर है, इसलिए विमान को रास्ते में ईंधन के लिए एक स्टॉप लेना पड़ सकता है।

भारत पहुंचने के बाद DGCA से मिलेगा अप्रूवल

भारत पहुंचने के बाद विमान को कस्टम क्लीयरेंस और जरूरी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इसके बाद विमान का रजिस्ट्रेशन DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) में कराया जाएगा।

DGCA की टीम विमान का फिजिकल और टेक्निकल इंस्पेक्शन करेगी। सेफ्टी जांच, मेंटेनेंस शेड्यूल और एवियोनिक्स टेस्ट पूरा होने के बाद ही विमान को उड़ान के लिए सर्टिफिकेट ऑफ एयरवर्दीनेस जारी किया जाएगा।

सरकारी यात्राओं को मिलेगी नई सुविधा

नए जेट के आने के बाद मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी दूरी की यात्राएं अधिक सुविधाजनक हो सकेंगी। अत्याधुनिक सुविधाओं वाला यह विमान प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी और सरकारी यात्रा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


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