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MP NEWS: चुनावी वादों से बड़ा बीजेपी का टेंशन,अमरवाड़ा जीते तो रावत के बाद कमलेश भी बन सकते है मंत्री,कुछ की हो सकती है मंत्रिमंडल से छुट्टी

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MP NEWS: चुनावी वादों से बड़ा बीजेपी का टेंशन,अमरवाड़ा जीते तो रावत के बाद कमलेश भी बन सकते है मंत्री,कुछ की हो सकती है मंत्रिमंडल से छुट्टी


MP NEWS: भोपाल। मप्र की मोहन यादव सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किये गये रामनिवास रावत को शपथ के चौबीस घंटे बाद भी विभाग नहीं मिला है। अलबत्ता उन्हें मंत्रालय में कक्ष शपथ के कुछ ही घंटे बाद मिल गया। रावत को आननफानन शपथ दिलाए जाने के पीछे की कहानी उनसे किया गया वादा ही प्रमुख मानी जा रही है लेकिन आगे की कहानी दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि भाजपा को अब दूसरा विस्तार और फेरबदल करना जरूरी हो गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि 13 जुलाई को अमरवाडा उपचुनाव का नतीजा आने के बाद यह विस्तार जरूरी हो रहा है, यदि भाजपा अमरवाडा जीतती है तो कमलेश शाह को मंत्री बनाया जा सकता है, दरअसल शाह के कांग्रेस छोडकर भाजपा में आने के एवज में उन्हें मंत्री पद दिये जाने का करार भी हुआ था।



MP NEWS:  यही स्थिति रावत के साथ थी। मगर भाजपा की मुश्किल यह भी है कि उसके पास अब तीन पद खाली हैं लेकिन मजबूत दावेदार करीब आधा दर्जन हैं। इनमें सीतासरन शर्मा, अशोक रोहाणी, अर्चना चिटनिस, संजय पाठक, रामेश्वर शर्मा, रीति पाठक आदि हैं। सूत्रों की मानें तो कल के फेरबदल से पहले कई दावेदारों ने दिल्ली तक लाबिंग की थी। 


MP NEWS: इसलिए विस्तार को रावत तक सीमित कर दिया गया। दूसरा विस्तार करने के पहले भाजपा को कम से कम तीन मंत्रियों को सत्ता से संगठन का रास्ता दिखाने की मजबूरी है। लोकसभा चुनाव के नतीजे और विधानसभावार इसकी समीक्षा का दौर पूरा होने के बाद यह भी संभव है कि भाजपा अभी मोहन मंत्रिमंडल में शामिल कुछ चेहरों को बदले। क्योंकि मंत्रियो को उनके परफार्मेस व छवि के पैमाने पर लगातार आंका जा रहा है।



MP NEWS: इतिहास गवाह: फिर बना  विजयपुर से दूसरा संयोगः


MP NEWS: विधायक रहे रामनिवास रावत के अकेले शपथ लेने से यह संयोग भी जुड गया है कि वे दूसरी बार किसी अकेले विधायक ने मंत्री पद की शपथ ली है। 1967 में पहली बार अर्जुन सिंह ने अकेले शपथ ली थी। उस समय डीपी मिश्र की सरकार थी। रावत तीन दशक बाद दूसरी बार मंत्री बने हैं। इससे पहले वे दिग्विजय सरकार में कैबिनेट मंत्री थे।