अधिक कर्ज़ लेने की अनुमति के लिए केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाएगी मोहन सरकार
यदि केंद्र सरकार प्रदेश की मांग पर सहमत हो जाती है तो अधिक राशि उपलब्ध हो जाएगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।

MP News : भोपाल। अधोसंरचना विकास की गति को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार अब अधिक कर्ज लेने की अनुमति भारत सरकार से मांगेगी। 16वें वित्त आयोग के सामने सकल राज्य घरेलू उत्पाद जीएसडीपी के अनुपात में चार प्रतिशत कर्ज लेने की अनुमति मांगी जाएगी। अभी प्रदेश को जीएसडीपी के अनुपात में तीन प्रतिशत कर्ज लेने की अनुमति है। दरअसल, 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होना है। सरकार उज्जैन और आसपास के जिलों में सड़क, पुल, पुलिया, फ्लायओवर सहित कई निर्माण के कार्य कर रही है।
MP News : वहीं, प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए भी अधोसंरचना विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अधोसंरचनात्मक कामों को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाया जा रहा है। यह लगभग 60 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 65 हजार करोड़ रुपये तक किया जाएगा। इसके लिए राज्य के बजट से राशि की पूर्ति संभव नहीं है। इसलिए अधिक कर्ज लेने की अनुमति मांगी जा रही है। पिछले वर्ष भी केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था लेकिन अनुमति नहीं मिली।
MP News : वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति अच्छी है। एक बार भी राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान का उल्लंघन नहीं हुआ है। जो भी कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से सरकार ले रही है, उसका उपयोग पूंजीगत कार्यों यानी अधोसंरचनात्मक विकास पर ही किया जा रहा है। यदि केंद्र सरकार प्रदेश की मांग पर सहमत हो जाती है तो अधिक राशि उपलब्ध हो जाएगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।


