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मोहन कैबिनेट: बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने सरकार देगी अंश पूंजी

मोहन कैबिनेट: बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने सरकार देगी अंश पूंजी
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भोपाल। सरकार अब प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों को रिवांप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में लगने वाले 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक राज्यांश लोन के बदले अपनी अंश पूंजी देगी। इसमें से अब तक 2 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। 2027 तक योजना की पूरी राशि मिलेगी। इससे बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस निर्णय से 8,736करोड़ रुपए की लागत से पूरे प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के कार्य में गति आएगी।

वहीं दस हजार करोड़ की लागत से वितरण प्रणाली में तकनीकी और वाणिज्यिक हानि को रोकने के संबंध में काम किए जा सकेंगे। अंशपूजी के रूप में इस योजना में 40 प्रतिशत राज्यांश और 60 प्रतिशत केंद्रांश होता है। कैबिनेट में जन विश्वास विधेयक पर चर्चा की गई। जन विश्वास विधेयक में नगरीय प्रशासन, उद्योग, श्रम, सहकारिता, रजिस्टार फर्म सोसायटी में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें अब फाइन की जगह पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

धान की मिलिंग के लिए प्रोत्साहन राशि मंजूर

मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। मिलिंग राशि 10 रुपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रुपए प्रति क्विंटल दी जाएगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आएगी। कैबिनेट ने केंद्र प्रवर्तित योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 11 जिलों में किसान सम्मेलन आयोजित होंगे।


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