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बच्चों में डिप्रेशन का कारण बन रहा मोबाइल, एम्स के शोध में हुआ खुलासा
इन समस्याओं के चलते बच्चे सामाजिक गतिविधियों से दूर हो रहे हैं और उनका आत्मविश्वास भी गिर रहा है।

MP News : भोपाल। एम्स में हाल ही में हुए एक शोध में पाया गया है कि किशोर अवस्था में सबसे अधिक मानसिक तनाव की स्थिति रहती है। जिसके पीछे का मुख्य कारण फोन का अधिक इस्तेमाल, अकेलापन, सोशल मीडिया, पढ़ाई का तनाव, बाहर का खाना पीना, कम शारीरिक गतिविधियां, बुलिंग या साइबर बुलिंग और पारिवारिक तनाव है।
MP News : कोरोनाकाल के बाद 13-19 साल के उम्र के बच्चों में तनाव की स्थिति ज्यादा देखने मिलती है। जिसका प्रभाव ये है कि बच्चों में चिंता, डिप्रेशन, तनाव और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन समस्याओं के चलते बच्चे सामाजिक गतिविधियों से दूर हो रहे हैं और उनका आत्मविश्वास भी गिर रहा है।
MP News : बच्चों को करें प्रेरित-
मनोवैज्ञानिक डॉ. आशीष पाखरे के अनुसार बच्चों में डिप्रेशन के लक्षणों को पहचान कर समय पर उपाय करने की जरूरत है। ऐसे में बच्चों को समझें, उनकी बात सुने और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि वे किसी भी परिस्थिति में अकेले नहीं हैं। घर में ऐसा माहौल बनाएं जहां बच्चे बिना डर के अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें। बच्चों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और अच्छी नींद की आदतें सिखाएं।
MP News : बच्चों के स्क्रीन समय को सीमित करें और उन्हें बाहरी गतिविधियों में संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित करें। जैसे पेंटिंग, संगीत, लेखन बच्चों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने में मद्द करती हैं और उनमें आत्मसंतोष लाती हैं। यदि डिप्रेशन के लक्षण गंभीर हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, जैसे कि मनोचिकित्सक या परामर्शदाता से संपर्क करें। उचित मार्गदर्शन से बच्चों को काफी मदद मिल सकती है।
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