माइक वॉल्ट्ज होंगे अमेरिका के नए NSA, ट्रंप के सत्ता में आते ही चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़ी
वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के सांसद माइक वॉल्ट्ज को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पद पर नियुक्त किया है। यह जानकारी एसोसिएटेड प्रेस के माध्यम से सामने आई। माइक वॉल्ट्ज अमेरिकी कांग्रेस में भारत कॉकस के प्रमुख हैं और ट्रंप के समर्थक रहे हैं। उनकी नियुक्ति के साथ ही अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है, विशेषकर चीन और भारत से जुड़े मुद्दों पर।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के समर्थक वॉल्ट्ज वॉल्ट्ज ने लंबे समय से अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग का समर्थन किया है। कई बार अफगानिस्तान और मध्य-पूर्व में तैनात रहे वॉल्ट्ज ने अपने करियर में कांस्य पदक सहित कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेंटागन में अफगानिस्तान नीति सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वॉल्ट्ज के NSA बनने से भारत-अमेरिका के सुरक्षा संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है।
बाइडेन की नीतियों के आलोचक रहे हैं वॉल्ट्ज वॉल्ट्ज राष्ट्रपति जो बाइडेन की अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी नीति के बड़े आलोचक रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय तालिबान को सशक्त बनाने के समान था। वॉल्ट्ज का मानना है कि अमेरिका को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सैन्य तैयारी बढ़ानी चाहिए।
चीन के प्रति सख्त रुख वॉल्ट्ज चीन की आर्थिक नीतियों और अमेरिकी सप्लाई चेन के दोहन के खिलाफ मुखर रहे हैं। उन्होंने चीन पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी का भी आरोप लगाया है और अमेरिका की तकनीकी सुरक्षा पर जोर दिया है। उनकी नीतियों के चलते अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव बढ़ने की संभावना है, जिससे अमेरिकी उद्योगों को सुरक्षा मिल सकती है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सक्रियता वॉल्ट्ज का मानना है कि अमेरिका को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे का सामना करना चाहिए। उन्होंने 2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक्स के बहिष्कार की मांग की थी, जिससे शिनजियांग में उइगर मुसलमानों पर चीन के अत्याचारों के विरोध में आवाज उठ सके। वॉल्ट्ज की नियुक्ति इस क्षेत्र में अमेरिका की मजबूत भूमिका के संकेत देती है, जो भारत के हित में है।
भारत-अमेरिका संबंधों में नई मजबूती की उम्मीद भारत-अमेरिका संबंधों में वॉल्ट्ज की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रंप के करीबी और भारत कॉकस के प्रमुख होने के नाते, उनकी नियुक्ति दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा दे सकती है। वॉल्ट्ज का ट्रंप की टीम में शामिल होना भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

