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592 करोड़ रुपये की लागत से होगा उज्जैन में मेडिकल कॉलेज का निर्माण, मुख्यमंत्री करेंगे 21 को भूमि पूजन...
इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

MP News : भोपाल। एमपी की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने एक और ऐतिहासिक कदम उठाने सरकार जा रही है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 21 नवंबर को उज्जैन में उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करने जा रहे हैं। उससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से ही सुदृढ़ होगी।
MP News : प्रधानमंत्री मोदी के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में 21 नवंबर को एक और इतिहास रचने की ओर प्रदेश अग्रसर है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूर्ण किया जायेगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
MP News : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एम.बी.बी.एस. सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है।
MP News : मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एम.बी.बी.एस. सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पताल की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं।
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