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Mahakumbh Stampede: कुंभ में पहले भी हो चुके हैं ऐसे कई हादसे, सैंकड़ों लोगों की हुईं मौतें... जानिए कब-कब मची भगदड़

Mahakumbh Stampede: कुंभ में पहले भी हो चुके हैं ऐसे कई हादसे, सैंकड़ों लोगों की हुईं मौतें... जानिए कब-कब मची भगदड़
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प्रयागराज। Mahakumbh Stampede: महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कुंभ मेले में इस तरह की घटना हुई हो। इससे पहले भी कुंभ क्षेत्र में कई बार भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। आइए, जानते हैं कि पिछले वर्षों में कब-कब ऐसे हादसे हुए हैं...

2013 में 42 लोगों की हुई थी मौत

इससे पहले 2013 में प्रयागराज कुंभ में हादसा हुआ। ये हादसा इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एक फुटब्रिज पर रेलिंग गिरने के बाद भगदड़ मचने से हुआ था। इस हादसे में 42 लोगों की मौत हो गई थी और 45 लोग जख्मी भी हो गए थे।

हरिद्वार कुंभ में 7 लोगों ने गंवाई जान

इसी तरह साल 2010 में हरिद्वार में कुंभ मेला हो रहा था। जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2010 को शाही स्नान के दौरान साधुओं और श्रद्धालुओं के बीच झड़प के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 15 लोग घायल हो गए।

नासिक कुंभ हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया

वहीं 2003 में नासिक कुंभ में भी हादसा हुआ। नासिक में आयोजित कुंभ मेले के दौरान एक भयानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें 39 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी। इस हादसे में 100 लोग जख्मी हो गए थे। इस घटना ने लाखों लोगों को झकझोर कर रख दिया था।

1986 में हुई थी सैंकड़ों लोगों की मौत

1986 में हरिद्वार में कुंभ मेला लगा था। यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह, कई राज्यों के सीएम और सांसदों के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। इस कारण आम लोगों की भीड़ को तट पर पहुंचने से रोका गया। इससे भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार, इस हादसे में भी सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।

आजादी के बाद पहली बार 1954 में हुआ था हादसा

वहीं आजादी के बाद पहली बार 1954 में प्रयागराज कुंभ में बड़ा हादसा हुआ था। 3 फरवरी 1954 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी। इस दौरान 800 लोगों की जान चली गई थी।


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