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Mahakumbh 2025 : अब तक 20 करोड़ भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, जानिए कैसे होती है भीड़ की सटीक गिनती

लाखों लोग ट्रेन, बस और निजी वाहनों से कुंभ में पहुंचते हैं और इतनी भीड़ को मैन्युअली गिनना असंभव है

Mahakumbh 2025 : अब तक 20 करोड़ भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, जानिए कैसे होती है भीड़ की सटीक गिनती
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Mahakumbh 2025 : प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर है। अब तक लगभग 20 करोड़ से अधिक भक्त संगम में डुबकी लगा चुके हैं। बुधवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना विभाग के अनुसार, 28 जनवरी तक 19.74 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके थे और बुधवार दोपहर तक यह आंकड़ा 5.71 करोड़ और बढ़ गया। महाकुंभ के इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से भक्त, नागा साधु, संत-महात्मा और श्रद्धालु भारी संख्या में जुट रहे हैं।

Mahakumbh 2025 : लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी विशाल संख्या की गणना कैसे की जाती है? लाखों लोग ट्रेन, बस और निजी वाहनों से कुंभ में पहुंचते हैं और इतनी भीड़ को मैन्युअली गिनना असंभव है। ऐसे में प्रशासन ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। आइए जानते हैं कि कैसे प्रशासन महाकुंभ में आने वाले भक्तों की सटीक गिनती करता है।

Mahakumbh 2025 : एआई और सीसीटीवी कैमरों से हो रही गणना-
महाकुंभ 2025 में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के साथ AI आधारित सॉफ्टवेयर को जोड़ा गया है, जिससे श्रद्धालुओं की सटीक संख्या का अनुमान लगाया जाता है। हालांकि यह गणना 100% सटीक नहीं होती, लेकिन अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से यह आंकड़ा काफी हद तक वास्तविकता के करीब होता है।

Mahakumbh 2025 : कैसे काम करता है AI गणना सिस्टम?
जब श्रद्धालु कुंभ परिसर में प्रवेश करते हैं, तो AI कैमरे हर व्यक्ति को ट्रैक करते हैं। यह तकनीक हर व्यक्ति को केवल एक बार गिनती में शामिल करती है, चाहे वह दिनभर मेले में ही क्यों न घूमता रहे। कुंभ क्षेत्र के हर हिस्से में लगे सीसीटीवी कैमरे AI सिस्टम को डेटा भेजते हैं, जिससे गणना की जाती है।

Mahakumbh 2025 : ड्रोन कैमरों से 24x7 निगरानी और गणना-
महाकुंभ में प्रशासन ने लगभग 1800 हाई-टेक कैमरों को तैनात किया है, जिनमें से कई ड्रोन कैमरे भी शामिल हैं। इनका उपयोग न केवल भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की गणना करने के लिए भी किया जा रहा है। ड्रोन कैमरों को संगम क्षेत्र, प्रमुख घाटों और मेले के महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। ये कैमरे एरियल व्यू के जरिए श्रद्धालुओं की सटीक गणना करते हैं। तय गणना प्रणाली के तहत AI, ड्रोन और CCTV डेटा को मिलाकर श्रद्धालुओं की संख्या का सही अनुमान लगाया जाता है।

Mahakumbh 2025 : प्रयागराज पहुंचने वाली ट्रेनों और बसों से गणना-
महाकुंभ में पहुंचने वाले भक्तों की संख्या का आकलन करने के लिए रेलवे और परिवहन विभाग का डेटा भी शामिल किया जाता है। प्रयागराज पहुंचने वाली हर ट्रेन और बस की सवारियों की संख्या ट्रैक की जाती है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर लगे स्पेशल कैमरों और स्कैनिंग डिवाइसेस से गणना होती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि एक व्यक्ति को दो बार गिना न जाए।

Mahakumbh 2025 : सैटेलाइट से भी हो रही गणना-
इस बार महाकुंभ में अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स की मदद से भी भीड़ का आकलन किया जा रहा है। सैटेलाइट से मिले क्राउड इमेजिंग डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। इस डेटा को जमीन पर लगे AI और ड्रोन सिस्टम से क्रॉस-चेक किया जाता है। इससे प्रशासन को सही अनुमान मिलता है कि एक दिन में कितने लोग कुंभ क्षेत्र में पहुंचे।


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