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Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, 2 करोड़ लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

Dev Verma
Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, 2 करोड़ लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
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Magh Mela 2026: प्रयागराज। प्रयागराज के पावन त्रिवेणी संगम तट पर माघ मेला 2026 के अंतर्गत बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर चौथा पवित्र स्नान पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद संगम के सभी घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न कोनों से पहुंचे भक्त संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

Magh Mela 2026: प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसंत पंचमी के पावन अवसर पर दोपहर 12 बजे तक करीब 2 करोड़ 10 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया। ठंड और कोहरे के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और संगम तट ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से गूंजता रहा।

Magh Mela 2026: मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

बसंत पंचमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर रहे सभी श्रद्धालुओं के लिए यह आस्था की डुबकी शुभ और फलदायी हो। मुख्यमंत्री ने मां गंगा से सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना भी की।

Magh Mela 2026: पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ माघ मेला

गौरतलब है कि प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ हुई थी। इसके बाद से कल्पवास की परंपरा निभाते हुए लाखों श्रद्धालु संगम तट पर निवास कर नियमित रूप से स्नान और पूजा-पाठ कर रहे हैं।

Magh Mela 2026: 5 लाख से अधिक कल्पवासी कर रहे कल्पवास

त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि माघ मेले के दौरान 5 लाख से ज्यादा कल्पवासी संगम तट पर कल्पवास कर रहे हैं। कल्पवास के नियमों के अनुसार श्रद्धालु दिन में दो बार गंगा स्नान करते हैं, एक समय भोजन ग्रहण करते हैं और शेष समय अपने आराध्य देव की पूजा, ध्यान और साधना में व्यतीत करते हैं।

Magh Mela 2026: बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक, हर वर्ग के श्रद्धालु तड़के सुबह से ही संगम पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। माघ मेला 2026 में बसंत पंचमी का यह पावन स्नान पर्व एक बार फिर प्रयागराज को श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में स्थापित कर रहा है।


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