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उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आरटीआई वेब पोर्टल की शुरुआत

उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आरटीआई वेब पोर्टल की शुरुआत
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रायपुर: पारदर्शिता व नागरिकों तथा वादकारियों को सुविधा प्रदान करने व सशक्त बनाने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरूवात करते हुए छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने 05 सितम्बर 2024 को उच्च न्यायालय तथा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के लिए ‘आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल’ का शुभारंभ किया।

इस पोर्टल के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् आवेदनों को प्रस्तुत किया जा सकता है और उन्हें रियल टाईम ट्रैक किया जा सकता है और इसके माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् लगने वाले शुल्क का भुगतान भी किया जा सकता है। इस आर.टी.आई. वेबपोर्टल के माध्यम से दुनिया के किसी भी स्थान से सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा।

इस वेब पोर्टल के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने व्यवत किया कि यह आनलाईन पोर्टल पारदर्शिता, जवाबदेही व नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी व्यवत किया कि इस वेबपोर्टल का उद्देश्य है कि नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व सुलभ बनाना है। यह वेबपोर्टल एक केन्द्रीय प्लेटफार्म की तरह कार्य करेगा जहां नागरिक सूचना के अधिकार के तहत् आवेदन को प्रस्तुत कर सकेंगे और उसके प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे और सूचना प्रदान करने वाले अधिकारी की प्रतिक्रियाओं को तत्काल जान सकेंगे और यदि असंतुष्ट हैं तो अपील कर सकेंगे।

मुख्य न्यायाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह वेब पोर्टल नागरिकों को सूचना प्रदाता अधिकारियों से सूचना प्राप्त करने के संबंध में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाला होगा और यह नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगा और लोक प्राधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाते हुए एक पारदर्शी व उत्तरदायी प्रशासन को सुनिश्चित करेगा।

मुख्य न्यायाधिपति द्वारा न्यायालयीन कर्मचारियों को उचित कार्य वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें सुविधाएं प्रदान करने व उनके कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कड़ी जोड़ते हुए एक साथ 300 से अधिक न्यायिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया जिसमें जिला न्यायालयों में पदस्थ 11 डिप्टी क्लर्क आफ कोर्ट को प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया और 2008 से बहुप्रतीक्षित स्टेनोग्राफरों की पदोन्नती हुई जिसमें 168 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-1, 98 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-2 तथा 23 स्टेनो टायपिस्ट को स्टेनोग्राफर के रूप में पदोन्नत किया गया।

बहुप्रतीक्षित कर्मचारियों की पदोन्नति किए जाने को मुख्य न्यायाधिपति द्वारा संवेदनशीलता के साथ लिया गया और एक साथ इतने कर्मचारियों को उनके जायज हक को प्रदान किया गया जिससे सभी कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है। यह पदोन्नति निश्चित तौर पर कर्मचारियों के मनोबल को बढाने वाला है और यह उन्हें पूरे मनोयोग से अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित वाला साबित होगा साथ-ही-साथ एक उचित कार्य वातावरण निर्मित होगा।

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