land compensation scam: मैनपाट में 19 करोड़ का जमीन मुआवजा घोटाला उजागर, तहसीलदार–पटवारी अटैच
land compensation scam: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में बॉक्साइट खनन के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े 19 करोड़ रुपए के मुआवजा घोटाले का मामला सामने आया है। मामले के उजागर होने के बाद कलेक्टर अजीव वसंत ने मैनपाट की तहसीलदार ममता रात्रे और संबंधित पटवारी को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया है। साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (CGMDC) को मैनपाट के ग्राम उरंगा और बरिमा में बॉक्साइट खदान संचालन की अनुमति मिली है। इसके तहत ग्राम उरंगा के 220 किसानों को करीब 15 करोड़ रुपए तथा ग्राम बरिमा के 24 किसानों को 4 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा दिया जाना था। कुल मुआवजा राशि लगभग 19 करोड़ रुपए आंकी गई है।
बताया जा रहा है कि मुआवजा सूची में 244 किसानों और ग्रामीणों के नाम शामिल किए गए थे, लेकिन जांच में प्रारंभिक तौर पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सूची में 23 ऐसे लोगों के नाम पाए गए हैं, जो न तो संबंधित गांवों के निवासी हैं और न ही उनकी वहां कोई जमीन है। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा केवल रेस्ट हाउस और बाउंड्रीवाल निर्मित भूमि को भी मुआवजे के दायरे में शामिल किए जाने की बात सामने आई है, जहां कृषि कार्य नहीं होता है।
सूत्रों के अनुसार गड़बड़ी का स्तर इतना गंभीर है कि एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के स्थान पर 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण तैयार कर दिया गया। मुआवजा प्रस्ताव को तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अजीव वसंत ने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित अधिकारियों को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया गया है और विस्तृत जांच प्रक्रिया जारी है।

