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Lakshminarayan Temple : ओरछा का अनूठा लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री यंत्र और उल्लू की चोंच के आकार में बना, माता लक्ष्मी को समर्पित

Lakshminarayan Temple : ओरछा का अनूठा लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री यंत्र और उल्लू की चोंच के आकार में बना, माता लक्ष्मी को समर्पित
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Lakshminarayan Temple : निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की तहसील ओरछा, जो कभी बुंदेलखंड रियासत की राजधानी थी, अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव के लिए प्रसिद्ध है। जामुनी और बेतवा नदी के किनारे बसा यह नगर देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां के रामराजा मंदिर, जहांगीर महल, राजा महल, राय परवीन महल और चतुर्भुज मंदिर के साथ-साथ लक्ष्मीनारायण मंदिर विशेष महत्व रखता है। 1622 में राजा वीर सिंह देव द्वारा निर्मित यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और तांत्रिक महत्व के लिए देश में इकलौता है, जो श्री यंत्र और उल्लू की चोंच के आकार में तांत्रिक विधि से बनाया गया है।

Lakshminarayan Temple : मंदिर की अनूठी विशेषताएं लक्ष्मीनारायण मंदिर ओरछा के पश्चिमी छोर पर एक पहाड़ी पर स्थित है। 17वीं और 19वीं शताब्दी की चित्रकारी से सजा यह मंदिर अपनी जीवंत और चटकीली पेंटिंग्स के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें रामायण, महाभारत, झांसी की लड़ाई और भगवान श्रीकृष्ण के दृश्य चित्रित हैं। ये चित्र इतने जीवंत हैं कि लगता है जैसे इन्हें हाल ही में बनाया गया हो। मंदिर की वास्तुकला श्री यंत्र और उल्लू की चोंच के आकार पर आधारित है, जो इसे देश का एकमात्र ऐसा मंदिर बनाता है।

Lakshminarayan Temple : मूर्ति विहीन मंदिर, फिर भी आस्था का केंद्र 1983 में मंदिर से माता लक्ष्मी की मूर्तियां चोरी हो गई थीं, जिसके बाद से गर्भगृह का सिंहासन सूना पड़ा है। इसके बावजूद, मंदिर में पूजा-अर्चना और आस्था का सिलसिला अनवरत जारी है। श्रद्धालु मंदिर की चौखट पर माथा टेककर माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करते हैं। धनतेरस से दीपावली तक यहां हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। मान्यता है कि दीपावली की रात मंदिर और उसके परिसर में दीप जलाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

Lakshminarayan Temple : सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व लक्ष्मीनारायण मंदिर माता लक्ष्मी को समर्पित देश का एकमात्र मंदिर है, जो अपनी तांत्रिक वास्तुकला और ऐतिहासिक चित्रकारी के लिए जाना जाता है। 17वीं सदी में निर्मित इस मंदिर का निर्माण राजा वीर सिंह देव ने तत्कालीन विद्वानों के मार्गदर्शन में करवाया था। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है।

Lakshminarayan Temple : पर्यटकों का आकर्षण ओरछा का यह मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण हैं। दीपावली के दौरान मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन की परंपरा इसे और भी खास बनाती है। यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अनमोल है, जो ओरछा की समृद्ध विरासत को जीवंत रखता है।


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