Justice Shekhar Yadav: इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर यादव के खिलाफ विपक्ष ने महाभियोग का दिया नोटिस, जानें पूरा मामला
Justice Shekhar Yadav: नई दिल्ली। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शेखर यादव के खिलाफ विपक्षी दलों ने महाभियोग का नोटिस दिया है। राज्यसभा में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने न्यायमूर्ति यादव पर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा सचिवालय को महाभियोग प्रस्ताव पेश किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति यादव के कथित विवादास्पद बयानों पर संज्ञान लिया और इलाहाबाद हाईकोर्ट से जानकारी मांगी।
Justice Shekhar Yadav: सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में 55 विपक्षी सदस्यों ने महासचिव से मुलाकात की और महाभियोग नोटिस पर हस्ताक्षर किए। इन सदस्यों में कांग्रेस के विवेक तंखा, दिग्विजय सिंह, पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, माकपा के जॉन ब्रिटास, राजद के मनोज झा, तृणमूल के साकेत गोखले, सपा के जावेद अली खान और निर्दलीय कपिल सिब्बल समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
महाभियोग के नोटिस में आरोप लगाया गया कि न्यायमूर्ति यादव ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक कार्यक्रम में सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयान दिया और अल्पसंख्यकों के खिलाफ पूर्वाग्रह व्यक्त किया। इसमें यह भी कहा गया कि उन्होंने समान नागरिक संहिता पर सार्वजनिक बहस में भाग लिया, जो न्यायिक जीवन के मूल्यों और 1997 के पुनर्कथन नियमों का उल्लंघन है।
Justice Shekhar Yadav: क्या है पूरा मामला? 8 दिसंबर को विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में न्यायमूर्ति शेखर यादव ने समान नागरिक संहिता के महत्व पर बात करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देना है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणी की थी। इसके बाद विपक्षी नेताओं समेत कई अन्य वर्गों से कड़ी प्रतिक्रिया आई, जिसके बाद महाभियोग का नोटिस जारी किया गया है।

